Deoli News 12 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नवरात्र की दशमी पर मंगलवार को बंगाली समाज की महिलाओं ने माता को सिंदूर लगाकर परंपरा निभाई। इस दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के गाल व माथे पर सिंदूर लगाकर पर्व की बधाई दी।
इसके बाद मां दुर्गा को विदाई दी गई। बंगाली समाज में पति की लंबी उम्र व खुशहाल परिवार की कामना के लिए सिंदूर खेलने की परंपरा है। नवरात्र के बाद शनिवार को विजयदशमी पर्व पर मां दुर्गा सेवा समिति द्वारा आयोजित कार्यक्रम में बंगाली समाज की महिलाओं ने सालों से चली आ रही मां की विदाई से पहले उन्हें सिंदूर लगाने की परंपरा निभाई। इसके बाद महिलाओं ने परस्पर सिंदूर लगाया और साथ में मंगल गीत गाए। सबने माता से सदा सुहागन रहने का भी आर्शीवाद मांगा। दुर्गा पूजा के अंतिम दिन बंगाली समाज में सिंदूर खेला का महत्व है। इस दिन महिलाएं मां दुर्गा को सिंदूर अर्पित करती हैं। मां दुर्गा सेवा समिति के अशोक मंडल ने बताया कि इसके बाद एक-दूसरे को सिंदूर लगाकर सदा सुहागिन रहने की कामना करती हैं। मान्यता है कि मां दुर्गा नवरात्र में पृथ्वी पर अपने मायके आती हैं और 10वें दिन ससुराल विदा हो जाती हैं।
इसे यादगार बनाने के लिए ही सिंदूर खेला की परंपरा है। इस हर तरफ उड़ता सिंदूर माहौल को और भक्तिमय बना देता है। इस दौरान नवविवाहित बेटियां अपने मायके आती है और सिंदूर खेला कार्यक्रम के बाद उनकी विदाई दी जाती है। इस दौरान पूर्व पालिकाध्यक्ष मंजू जैन, अपरा जैन, कविता राय, नीतू मंडल, बीना बैरागी, पूनम पाल शालू, रेखा दास, प्रियंका सोनाली, चंपा विश्वास, सुभद्रा मंडल, निकिता, कनिका आदि महिलाएं मौजूद थी।
श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया
इनर व्हील क्लब देवली की ओर से अष्टमी के मौके पर कुचलवाड़ा माता मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। कलब अध्यक्ष अनु शर्मा ने बताया कि अष्टमी पर करीब 30 किलो का हलवे का भोग बनाकर माताजी को अर्पित किया गया। इसके बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान वितरण में क्लब सदस्य मनाली गुप्ता, सुनीता गुप्ता, सोनू चौधरी, आशा काटिया, सुनीता कुमारी, आशा अग्रवाल, श्वेता अग्रवाल समेत मौजूद थी।



