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मरम्मत की दरकार
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क्या हादसे का हो रहा है इंतजार?
Deoli News 8 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के कोटा रोड अजमेर कोटा बाईपास तिराहे पर हुए गड्ढे अब मौत की शक्ल में आ गए हैं। जहां गहरे गड्ढे में वाहनों के पलटने का अंदेशा है। लेकिन जिम्मेदारों का इस और ध्यान नहीं है। आखिर इन गड्डों की मरम्मत की ओर प्रशासन गंभीर क्यों नहीं है।
उल्लेखनीय है कि पिछले चार-पांच दिन पूर्व हुई तेज बारिश के चलते यहां पहले से बने गड्डों में पानी भर गया। लगातार पानी भरे रहने से यह गड्ढे बड़े आकार के बन गए। जिनकी गहराई एक फीट से अधिक औऱ चौड़ाई कई फ़ीट हो गई है। वही 50 मीटर की यह सड़क पूरी तरह गड्डों में तब्दील होकर बेडौल हो चुकी है। यहां गुजरते वक्त वाहनों को पलटने का अंदेशा रहता है। खासकर इस समस्या से बेखबर व्यक्ति के लिए यह जोखिमपूर्ण है। बता दे कि यह शहर का कोटा रोड है और यही से होकर कोटा के यात्री अजमेर की ओर जाते हैं। दिनभर रोडवेज बसें एवं निजी वाहन गुजरते हैं, जो डगमगाते हुए निकलते हैं। दिन में कई मर्तबा जाम लगता है। इन गड्डों की वजह से वाहनों को धीरे गुजरना पड़ता है और इससे जाम की स्थिति बन रही है। लिहाजा यदि कोई यात्री बस अथवा वाहन पलटता है तो बड़ा हादसा हो सकता है। गौरतलब है कि यह क्षेत्र टोंक व शाहपुर जिले का अंतिम छोर है। लिहाजा देवली प्रशासन ध्यान दे रहा है ना शाहपुरा का शासन, प्रशासन।
नतीजन आमजन को जान हथेली पर लेकर यहां से गुजरना पड़ रहा है। प्रतिदिन यहां से गुजरने वाले तमाम लोग शासन व प्रशासन को कोस रहे हैं। पिछले तीन दिनों से लगातार वाहन जाम में फंस रहे हैं। लेकिन इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। यदि इन गड्डों को अस्थाई तौर पर मलबा डाल कर भर दिया जाए तो भी राहत मिल सकती है।


