Deoli News 27 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत चलाए जा रहे 100 दिवसीय कार्यक्रम के तहत टोंक के मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी और जिला क्षय अधिकारी के निर्देशन में आयुष्मान आरोग्य मंदिर देवली गांव में एक विशेष शिविर लगा।
शिविर का मुख्य उद्देश्य संभावित टीबी मरीजों की पहचान कर उनका समय पर उपचार करना था। शिविर में 784 ग्रामीणों और श्रमिकों की स्वास्थ्य स्क्रीनिंग की गई। ब्लॉक डॉट्स सुपरवाइजर खेमराज चौधरी ने बताया कि शिविर में अत्याधुनिक हैंड-हेल्ड एक्स-रे मशीन का उपयोग किया गया, जिससे 256 संदिग्ध मरीजों के मौके पर ही चेस्ट एक्स-रे किए गए। खंड मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मनीष लोधी ने बताया कि शिविर में तंबाकू सेवन करने वाले, मधुमेह, कैंसर, उच्च रक्तचाप, अस्थमा से पीड़ित लोगों, 60 वर्ष से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों, कोविड से रिकवर हुए व्यक्तियों, रीको इंडस्ट्रीज के श्रमिकों और पूर्व टीबी मरीजों के संपर्क में आए लोगों की विशेष जांच की गई। इस दौरान ग्रामीणों और श्रमिकों को टीबी के लक्षणों, जांच की प्रक्रिया और सरकारी योजनाओं के तहत मिलने वाले निःशुल्क उपचार के बारे में जागरूक किया गया।
शिविर में ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजर रणजीत सिंह, नर्सिंग अधिकारी संतोष कुमारी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी भरत सिंह व सविता, सहायक रेडियोग्राफर विक्रम व पंकज, प्रसाविका पूजा मीणा व कौशल्या रेगर, टीबी विजेता लादू लाल माली व धर्मराज भील सहित सभी आशा सहयोगिनियां मौजूद रहीं।



