Deoli News 27 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बोटून्दा गांव में आयोजित सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के अंतिम दिन कथा व्यास अवनी किशोरी ने भगवान श्रीकृष्ण के विवाह, सुदामा चरित्र और राजा नृग की कथाओं का वर्णन किया।
उन्होंने सुदामा प्रसंग के माध्यम से सच्ची मित्रता और शरणागति का महत्व समझाते हुए कहा कि भगवान ही जीव के परम मित्र हैं। कथा के दौरान सजीव झांकियां सजाई गईं, श्रद्धालुओं ने नृत्य किया। इस धार्मिक आयोजन में क्षेत्र के ग्रामीणों ने भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसी तरह कल्याणपुरा गांव में पं तुलसीराम शास्त्री ने श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन सूर्यवंश के राजाओं और भगवान के विभिन्न अवतारों की कथाएं विस्तार से सुनाईं। उन्होंने गजेंद्र मोक्ष प्रसंग के माध्यम से ईश्वर के प्रति अनन्य भक्ति का संदेश दिया और वामन व राम अवतार की लीलाओं का सुंदर वर्णन किया।
कृष्ण जन्म की कथा सुनते ही श्रद्धालु नृत्य करने लगे। इस दौरान देवली से आए श्रद्धालुओं ने कथा सुनने आए भक्तों के लिए ठंडे शरबत की व्यवस्था की और कार्यक्रम में एकादशी व्रत का महत्व भी बताया गया।


