Deoli News 1 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के नर्मदेश्वर महादेव मंदिर पटेल नगर में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन सोमवार को कथावाचक नंदिनी ने सुखदेवजी महाराज के जन्म की कथा सुनाई।
जिसका लोगों ने श्रवण किया। कथा के अनुसार कैलाश पर्वत पर शुक पक्षी के रूप में जन्मे शुकदेवजी बाद में महर्षि वेदव्यास के पुत्र बने। संत नारदजी के कहने पर वेदव्यास जी ने श्रीमद्भागवत की रचना की और उसे अपने पुत्र शुकदेवजी को सुनाया। शुकदेवजी महाराज ने ही राजा परीक्षित को भागवतजी की कथा सुनाई थी। जिन्हें 7 दिन में मृत्यु का श्राप मिला था। गंगा के तट पर 7 दिनों तक भागवत कथा का श्रवण कराया, जिससे राजा को मोक्ष की प्राप्ति हुई। कथा का समापन इसी प्रसंग के साथ हुआ। कथावाचक ने बताया कि श्रीमद्भागवत भगवान का शब्दमयी स्वरूप है, जिसके श्रवण मात्र से हर जीव अपने जीवन को कृतार्थ कर सकता है।



