Deoli News 12 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नासिरदा में आयोजित हो रही श्रीमद्भागवत कथा में छठे दिन कथावाचक विनी किशोरी ने भगवान की अगासुर वध, गोपीगीत, मथुरा गमन, गोपी विरह, कंस वध, कृष्ण- रुक्मिणी विवाह की कथाओं का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने कहा कि भगवान ने गोपियों के साथ रास करके गोपियों का मनोरथ पूर्ण किया। उन्होंने कहा कि रास आत्मा व परमात्मा का मिलन है। कथा आयोजक आचार्य धीरेन्द्र पांडेय ने बताया कि कथा कृष्ण रुक्मिणी विवाह का सजीव चित्रण किया गया। भगवान कृष्ण की बारात लक्ष्मी नारायण मंदिर से धूमधाम से रवाना हुई, जो नासिरदा के विभिन्न मार्गों से होते हुए कथा स्थल पर पहुंची। जहां ग्रामीणों ने बारात का स्वागत करते हुए माता रुक्मिणी का कन्यादान किया।



