Thursday, April 23, 2026
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सरकारी दफ्तर या खंडहर? तहसील कार्यालय की ‘जर्जर’ कहानी!


Deoli News 24 अगस्त (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) ​शहर का तहसीलदार कार्यालय, जो सरकारी कामकाज का केंद्र है, अब किसी खंडहर से कम नहीं लगता। इसकी हालत इतनी खराब है कि यह सरकारी स्कूलों की दयनीय स्थित को भी मात दे रहा है।

यहां चहुंओर से प्लास्टर गिर रहा है, और छत के सरिए साफ दिखाई दे रहे हैं, जो किसी खतरे से कम नहीं है। कुछ साल पहले बना यह भवन अब ‘जीर्ण शीर्ण’ हो चुका है और नाकारा स्थिति में पहुंच चुका है। दरअसल तहसीलदार के कक्ष के बाहर बरामदे की छत का प्लास्टर सर्वाधिक  गिर रहा है। लोगों ने बताया कि इस बरामदे में अक्सर तहसीलदार से मिलने के लिए परिवादी खड़े रहते हैं। ऐसे में किसी भी समय बड़ा हादसा होने की आशंका बनी रहती है। चौंकाने वाली बात है कि जिस जगह पर आम लोग अपने काम के लिए आती है, वहां की हालत इतनी बदतर हो चुकी है।

यही नहीं, खुद तहसीलदार के कक्ष की छत का प्लास्टर भी उखड़ गया है, और इसकी सरिया भी दिखाई देने लगे है। इस वजह से अधिकारी और कर्मचारियों को भी अपना बचाव करते हुए काम करना पड़ रहा है। वे हर पल इस डर में रहते हैं कि कहीं छत का कोई हिस्सा उन पर न गिर जाए। ​इसके अलावा, पास के सूचना सहायक कक्ष की हालत तो और भी ज्यादा खराब है। इस कक्ष की दीवार में कई फ़ीट लम्बी एक बड़ी दरार आ चुकी है और दीवार यहां अपनी जगह छोड़ चुकी है। इस कक्ष को देखकर ही डर लगता है। यह स्थिति सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों से कम नहीं है, जहां अक्सर छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता जताई जाती है। ​

वहीं विडंबना है कि एक महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय, जहां लोगों के जरूरी काम होते हैं, वहां की स्थिति ऐसी है। इस जर्जर भवन में काम करने वाले अधिकारी और कर्मचारी भी असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। प्रशासन को इस ओर तुरंत ध्यान देने और इस भवन की मरम्मत कराने की सख्त जरूरत है, ताकि किसी भी तरह के अप्रिय हादसे को टाला जा सके।

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