वॉकल फ़ॉर लोकल को मिली पहचान
Deoli News 3 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आंवा कस्बे में संचालित विद्याशीष हथकरघा अपने बेहतरीन स्वदेशी उत्पाद देने के साथ युवाओं को रोजगार व स्वालम्बन की सीख दी रहा है। गांधी जयंती व भाजपा के स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सेवा पखवाड़े के तहत पूर्व कृषि मंत्री व भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुलाल सैनी ने हथकरघा उद्योग का अवलोकन कर हस्तशिल्प की बारीकियां देखी।

पूर्व डॉ. मंत्री सैनी ने कारीगरों का मनोबल बढ़ाते हुए कहा कि इस प्रकार के कुटीर व ग्रामीण उद्योगों से प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी के वॉकल फ़ॉर लोकल मिशन को पंख मिले हैं। अभियान को नई पहचान मिल रही है। इस हथकरघा उद्योग ने ग्रमीणों के युवाओं को रोजगार के नए अवसर उपलब्ध करवा कर कपड़े बनाने के हुनर से प्रशिक्षित किया है, जो महात्मा गांधी के स्वदेशी अभियान व कुटीर उद्योग को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रहा है। संस्थान के निदेशक आशीष जैन ने बताया कि मुनि सुधासागर की प्रेरणा से स्थापित इस हथकरघा में राज्य भर के बुनकरों को प्रशिक्षित करने के साथ टॉवल, साड़ी, बेडशीट, दुपट्टा, जुटबेग, कुर्ता, शर्ट की कई उन्नत किस्में बनाई जा रही है। जिसकी एक्सपो और बुटीक डिजाइनें देश व विदेश में बहुत पसन्द की जा रही है।
यहां उत्पादित हस्तनिर्मित कपड़ों को राजस्थान के विभिन्न शहरों के साथ महाराष्ट्र, गुजरात व मध्यप्रदेश में निर्यात किया जा रहा है। जैन ने बताया कि गाँधी जयंती के पर पूर्व मंत्री सैनी इस केंद्र के निरीक्षण व अवलोकन के लिए आए, जहाँ उन्होंने कपड़ा बना रहे कारीगरों से विचार साझा करने के साथ मशीनों पर बैठकर इस तकनीक की बारीकियां समझी तथा चरखा चलाकर धागा भी बुना। केंद्र पर उत्पादित कपड़ों की गुणवत्ता परख सराहना भी की। भाजपा के स्वच्छता व सेवा पखवाड़े के तहत हथकरघा परिसर के साथ निकट परिवेश की सफ़ाई भी की तथा स्वास्थ्य के बारे में जन जागृति लाई गई। इस मौके पर मांगीलाल बलाई, दीनबन्धु धाकड़, प्रकाश जैन, घासीलाल बलाई सहित कई मौजूद थे।



