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यौमे आशूरा पर ताज़ियों का हुआ मिलन
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देवली में अकीदत से निकला मोहर्रम जुलूस
Deoli News 26 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में शुक्रवार को मोहर्रम पर यौमे आशूरा का पर्व अकीदत और गम के साथ मनाया गया। हक, इंसाफ, कुर्बानी और शहादत की याद में धार्मिक आस्था के साथ शहर के विभिन्न क्षेत्रों से ताज़िए निकाले गए।


समाज सदर खालिक अब्बासी, मोहम्मद इदरीश और हारून अंसारी ने बताया कि इस दौरान शाही जामा मस्जिद क्षेत्र, भिश्ती मोहल्ला, कुरैशी मोहल्ला, एजेंसी एरिया और बंगाली कॉलोनी सहित अन्य स्थानों से निकले खूबसूरत ताज़ियों का छतरी चौराहे पर मिलन हुआ। इस दौरान पट्टेबाजों ने हैरत अंगेज करतब दिखाए। समाज के लोगों ने गम का मुजाहिरा करते हुए अपने सीनों पर हाथ रखा और ‘हाय हुसैन, लब्बैक हुसैन’ की सादाये बुलंद की। समाज के कई लोगों और महिलाओं ने काला लिबास पहनकर गम का इजहार किया और हुसैनी अकीदतमंदों ने अपने दाएं हाथ की बाजू पर इमाम जामीन बांध रखा।
जगह-जगह छबीले लगाई गई और तबर्रूक बांटा गया। छतरी चौराहे पर प्रशासनिक अधिकारियों की दस्तारबंदी की गई, इनमें देवली एडिशनल एसपी पुष्पेंद्र सिंह, डीएसपी हेमराज मुंड, थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर और रामसिंह शक्तावत शामिल रहे। साथ ही अकील कुरैशी, मोहम्मद इदरीस, सद्दाम और सदर खालिक अब्बासी की भी दस्तारबंदी हुई। शाही इमाम मुफ्ती शाकिब रज़ा ने हज़रत इमाम हुसैन के बारे में बताया कि उन्होंने ज़ालिम बादशाह यज़ीद की गुलामी स्वीकार नहीं की।
वहीं हक, इंसाफपसंदी, कुर्बानी व शहादत का रास्ता चुनते हुए अपने 72 जानिसारों के साथ शहादत को गले लगाया। इस अवसर पर मोमिनों ने रोज़े रखे और मुल्क में अमन-शांति की दुआएं की। समापन पर ढोल-ताशे और गमगीन मातमी धुनों के साथ ताज़ियों को कर्बला में शहराब किया गया। इस दौरान आरएसी के साथ देवली पुलिस व अतिरिक्त पुलिस बल कानून व्यवस्था के मद्देनजर मौजूद रहा।



