Tuesday, April 21, 2026
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24 से 36 घण्टे बाद खुल सकते है बीसलपुर डेम के गेट

  • आवक जारी, जलस्तर बढ़ा

  • इस बार टूटेगा अगस्त महीने में डेम भरने का रिकार्ड

  • त्रिवेणी से भारी आवक जारी

  • गुरुवार दोपहर 12 बजे तक जलस्तर आरएल 315.16 मीटर


@राजेन्द्र बागड़ी, वरिष्ठ पत्रकार

Deoli News 5 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बीसलपुर डेम अपने निर्माण और पूर्ण जलभराव के रिकार्ड को इस बार बदलने जा रहा है। वर्ष 2004 से लेकर 2019 तक 5 बार पूर्ण भरे बीसलपुर डेम का इतिहास हमेशा अगस्त महीने में पूर्ण भरकर छलकने का रहा है लेकिन ये पहली बार भरने के ” ट्रेक” को बदलने जा रहा है।

डेम के कैचमेंट एरिया से हो रही लगातार आवक के चलते ये कहा जा सकता है कि यदि शुक्रवार रात तक पानी की आवक ऐसे ही जारी रही तो 6 सितंबर रात तक बीसलपुर डेम न केवल लबालब हो जाएगा, बल्कि अधिशेष पानी की गेट खोलकर निकासी भी की जा सकती है। उधर, गुरुवार दोपहर 12 बजे डेम का जलस्तर आरएल 315.16 मीटर हो गया है। जबकि त्रिवेणी पर गेज 4.20 मीटर दर्ज हुआ है। बीसलपुर डेम निर्माण के बाद सबसे पहले वर्ष 2004 में पहली बार भरा और डेम के सभी 18 गेटों से पानी की निकासी करनी पड़ी थी। इसके बाद दूसरी बार वर्ष 2006 में, तीसरी बार 2014 मे, चौथी बार 2016 मे व पांचवी बार वर्ष 2019 में छलका था।

डेम के इतिहास में ये हमेशा अगस्त के महीने में ही भरा है। लेकिन इस बार ये ट्रेक बदलता नजर आ रहा है। पेयजल विभाग और सिंचाई विभाग के सयुंक्त आर्थिक प्रबंधन से निर्मित इस डेम में जल उपयोग का बंटवारा भी इसी हिसाब से हुआ है। आरएल 315.50 मीटर तक भरे डेम से 8 टीएमसी पानी सिंचाई के लिए व 16.2 टीएमसी पानी पेयजल के लिए आरक्षित है। जबकि 8.16 टीएमसी पानी वाष्पीकरण के लिए है। वर्तमान में जयपुर, अजमेर व टोंक शहरों समेत कई जिलों के करीब 1800 गांवो में बीसलपुर डेम लोगों की प्यास बुझा रहा है। प्रदेश की लाइफलाइन कहे जाने वाले इस डेम का पूर्ण जलभराव का मतलब है क़ई शहरों में “उत्सव” जैसा आनन्द पैदा होना। वर्तमान की जो स्थिति है वह पूर्ण जलभराव से अब कुछ सेमी ही नीचे है।

जलावक के आंकड़ो का विश्लेषण करें तो अभी त्रिवेणी पर औसतन 4 मीटर का गेज चल रहा है, ऐसे में डेम में लगातार उतार-चढ़ाव के बावजूद पानी की आवक हो रही है। कोठारी बांध, गोवटा बांध, जेतपुरा बांधो के ओवरफ्लो होने के बाद तय है। अब ये आवक त्रिवेणी पर बनी रहेगी। निबाहेड़ा के पास बने गम्भीरी डेम के गेट गुरुवार को भी खुले हुए है और अधिशेष पानी की निकासी होने से बेड़च से होते हुए त्रिवेणी में पानी की आवक बढ़ी है। बुधवार रात 3.50 मीटर के गेज ने आज सुबह 6 बजे छलांग लगाई और गेज 4.20 मीटर तक चला गया। त्रिवेणी पर बढ़े गेज से पानी की आवक डेम तक पहुँचने में करीब 8 से 10 घण्टे लगते है। ऐसे में उम्मीद है कि डेम जल्द लबालब हो जाए। पानी की आवक के हिसाब से अभी प्रति घण्टे एक सेमी पानी डेम में बढ़ रहा है।

ऐसे में आज के जलस्तर को एक घण्टे के हिसाब की आवक को माना जाए तो लगभग औसतन 30 से 36 घण्टे अब लग सकते है। यदि त्रिवेणी का गेज 5 मीटर से ऊपर चले तो भी डेम के लबालब होने में 24 घण्टे लग सकते है। बीसलपुर परियोजना के अधिशासी अभियंता मनीष बंसल ने बताया कि हालांकि त्रिवेणी 4 मीटर ऊपर चल रही है। लेकिन डेम में अभी जो आवक बनी है, वह क्षेत्रीय बारिश के कारण हो रही है। अगर आज त्रिवेणी का गेज 5 मीटर चला जाता है तो डेम भरने में कम से कम 24 घण्टे तो लगेंगे ही, यानि अभी बीसलपुर डेम को लबालब होने तक अभी लोगों को कम से कम 24 घण्टे तक इंतजार करना पड़ सकता है।

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