कंप्यूटराइज्ड तरीके से होगी बांध के पानी की निकासी
Deoli News 15 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बीसलपुर बांध पर शनिवार सुबह से ही मानसून को लेकर तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश के पहले सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डाटा एक्विजिशन सिस्टम (स्काडा) ने कार्य करना शुरू कर दिया है। लिहाजा बांध की त्रिवेणी से आवक और बांध के गेट खोलकर पानी की निकासी को कम्यूटराइज्ड तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि शनिवार से बीसलपुर बांध के स्काडा सिस्टम से लैस कंट्रोल रूम ने काम शुरू कर दिया है। मानसून के दौरान बीसलपुर बांध में पानी की आवक और निकासी को स्काडा सिस्टम के माध्यम से ही ऑपरेट किया जाएगा। बांध पर लगी स्काडा कंट्रोल रूम में लगाई गई एलईडी से नजर रखी जा सकेगी। शनिवार सुबह बांध का जलस्तर 309.94 आरएल मीटर है।
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वहीं बांध में 10.339 टीएमसी पानी मौजूद है। जबकि त्रिवेणी बनास नदी पर शनिवार का गेज शून्य दर्ज हुआ है। बीसलपुर बांध परियोजना अभियंताओं के अनुसार बीसलपुर बांध प्रदेश का पहला ऐसा बांध है, जहां वर्ष 2020 में प्रदेश का पहला हाईटेक सिस्टम स्काडा लगाया गया था।
सिस्टम स्थापित होने के 2 साल बाद पहली बार बांध के दो गेटों से पानी की निकासी 2022 में कंप्यूटराइज्ड तरीके से की गई। बीसलपुर बांध के सभी 18 गेटों पर कैमरे लगे होने के साथ ही बांध के नियंत्रण कक्ष में एलईडी सिस्टम लगा है। जिस पर त्रिवेणी संगम पानी की आवक से लेकर बांध में मौजूद पानी की सम्पूर्ण जानकारी होती है। इस हाईटेक सिस्टम के तहत मानसून सत्र के दौरान बनास, खारी और डाई नदियों से होने वाली बांध में पानी की आवक की पल-पल की जानकारी कम्प्यूटर के माध्यम से मौजूद रहती है। वहीं सभी 18 कैमरों का नियंत्रण कम्प्यूटर कीबोर्ड के माध्यम से किया जाता है। प्रदेश में वर्ष 2020 में पहली बार स्काडा सिस्टम (कंप्यूटराइज्ड तरीके से) का प्रयोग किया गया था।




