पुलिस महकमे में शोक, गश्त के दौरान हुआ हादसा, ट्रैक्टर रोकने की बजाय पुलिस वैन को मारी टक्कर
Desk News 3 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) टोंक थाना कोतवाली क्षेत्र में पुलिस वेन 112 में गश्त के दौरान अवैध बजरी से भरी ट्रेक्टर-ट्रॉली के चालक ने पुलिस हैड कांस्टेबल को टक्कर मार दी। वहीं उपचार के दौरान हेड कांस्टेबल की जयपुर में मौत हो गई। इससे पुलिस महकमे में शोक फैल गया।
जानकारी के अनुसार मंगलवार शाम हैड कांस्टेबल खुशीराम बैरवा अन्य पुलिसकर्मियों के साथ शहर के सिंधी शमशान के पास गश्त कर रहे थे। इसी दौरान अवैध बजरी लेकर आ रही ट्रेक्टर-ट्रॉली को खुशीराम बैरवा ने रोकने का इशारा किया। लेकिन तेज गति से ट्रेक्टर-ट्रॉली के चालक ने पुलिस की बोलेरो कार को टक्कर मार दी। वहीं हैड कांस्टेबल बैरवा पर ट्रैक्टर चढ़ाता वाहन भगा ले गया। हादसे में गम्भीर रूप से घायल हैड कांस्टेबल खुशीराम बैरवा को ईलाज के लिए एसएमएस जयपुर के लिये रैफर किया गया। जहां उसकी मौत हो गई। मामले को लेकर आक्रोशित बैरवा समाज के कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिप्रसाद बैरवा, डॉ. चंद्रभान, भीमसेना जिलाध्यक्ष अशोक बैरवा, राजाराम बैरवा, विनोद लांबा, कन्हैयालाल बैरवा, लवली बैरवा, धनराज सहित बैरवा समाज के लोग बुधवार सुबह पुलिस लाईन से विरोध प्रदर्शन करते हुए जिला कलक्टर कार्यालय पहुंचे।
जहां विरोध प्रदर्शन कर ट्रेक्टर ट्रॉली चालक के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर फांसी की सजा दिए जाने, मृतक को शहीद का दर्जा देकर सभी पैकेज दिए जाने, हाउसिंग बोर्ड में एचआईजी साईज का मकान नि:शुल्क आवंटित किया जाने की मांग की। जिससे कि मृतक पत्नि व बच्चों का जीवन यापन हो सके। इसी प्रकार खुशीराम बैरवा की तीनों संतानों को उनकी योग्यता के अनुसार विद्यालयों में नि:शुल्क शिक्षा दिलाने, एक करोड़ रूपए नकद राज्य सरकार से क्षतिपूर्ति मुआवजा दिए जाने एवं खुशीराम बैरवा के नाम गांव में उच्च माध्यमिक का नाम रखे जाने की मांग करते हुए लोग धरना देकर बैठ गए। इस दौरान वृत्ताधिकारी टोंक राजेश विद्यार्थी एवं कोतवाली थानाधिकारी भंवर लाल वैष्णव ने आक्रोशित बैरवा समाज के लोगों को समझाईश की। लिखित में मांगे मानने का पत्र देने बाबत तीन बार जिला कलक्टर से समझौता वार्ता की। बाद में जिला कलेक्टर सौम्या झा की ओर से मांग पत्र के सन्दर्भ में राज्य सरकार को पत्र लिखा गया।
तब जाकर धरना समाप्त हुआ। कोतवाल भंवरलाल वैष्णव ने बताया कि मंगलवार देर रात आरोपी ट्रैक्टर चालक जावेद के विरूद्ध हत्या का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है। इधर, हैड कॉन्स्टेबल खुशीराम बैरवा के घर में मातम छाया हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। हैड कॉन्स्टेबल खुशीराम बैरवा किसान परिवार से थे, उनका पैतृक गांव देवली-भांची है। जहां तीन भाईयों में वह सबसे छोटे थे। खुशीराम के 2 बेटे एवं एक बेटी है। सबसे छोटा बेटा डेढ़ महीने का है, जिसका अभी तक नामकरण भी नहीं हुआ है। वर्ष 2008 में खुशीराम पुलिस में भर्ती हुए थे।



