संदेह का मिला लाभ
Jahazpur News 1 दिसंबर (मोहम्मद आज़ाद नेब) खजूरी के मेलवा गांव में करीब 12 वर्ष पहले में विद्युत निगम ठेकेदार के कर्मचारी घनश्याम पुत्र जमनालाल कुम्हार निवासी खजूरी की बिजली के खंभे पर काम करते वक्त करंट लगने से मौत हुई।
मौत के मामले में आपराधिक मुकदमे की सुनवाई करते हुए प्रकरण के आरोपी विद्युत निगम के लाइनमैन चौथमल गुर्जर निवासी पीपलवाड़ा (सवाईमाधोपुर), सुनील कुमार मीणा निवासी खेड़ली (अलवर) व अन्य आरोपी बलवंत मीणा, निवासी खजूरी को लापरवाही से हुई मौत के मामले मे संदेह का लाभ देते हुए शनिवार को स्थानीय कोर्ट ने दोष मुक्त किया है। जानकारी के मुताबिक शक्करगढ़ थाने में वर्ष 2012 के इस बहुचर्चित प्रकरण के अनुसार घनश्याम कुम्हार की 21 नवंबर 2012 को मेलवा गांव में बिजली के खंभे पर काम करते वक्त करंट लगने से मौत हो गई थी। मौत से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव के बाजार बंद कर प्रदर्शन किया था। मृतक के भाई की रिपोर्ट पर शक्करगढ़ थाना पुलिस ने मामला तीनों के विरुद्ध लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर पुलिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक स्तर पर अनुसंधान कर स्थानीय न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय में दो लाइनमैन सहित तीनो आरोपियों के विरुद्ध चालान पेश किया था।
अभियोजन पक्ष की ओर से प्रस्तुत 16 गवाह व पत्रावली पर मौजूद अन्य साक्ष्यों पर आरोपी विद्युत लाइनमैन चौथमल के अधिवक्ता दीपक कुमार पंचोली, फारुख अली व अन्य आरोपी के अधिवक्ता मनोज रेगर की ओर से प्रस्तुत कानूनी तर्क व बहस सुनने के बाद प्रकरण में फैसला सुनाते हुए न्यायिक मजिस्ट्रेट सुनील कुमार ने आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया।


