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आश्वासन के बाद ग्रामीणों ने लिए शव
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नाव पलटने से हुआ था हादसा
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एसडीआरएफ टीम को 27 घंटे बाद मिली सफलता
Deoli News 11 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नापाकाखेड़ा गाँव के समीप सोमवार को पाँच युवकों की नाव असंतुलित होकर पलट गई। इसके बाद नदी में तीन युवकों की तलाश शुरू की गई। तीनों युवकों के शवों को मंगलवार को दूसरे दिन 27 घण्टे बाद एसडीआरएफ की टीम ने नदी से बाहर निकाला। शव नदी से बाहर निकलते ही मौजूद ग्रामीण रो पड़े। साथ ही मृतक के परिजन तो बेसुध हो गए।
उधर, मृतकों के शवों को मौके पर ही रखकर ग्रामीणों ने प्रशासन से उनके परिजनों को उचित मुआवजे की मांग करते हुए मत्स्य ठेकेदार के ख़िलाफ़ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शव निकाले जाने के बाद भी चार घण्टे तक मुआवजे और कार्रवाई को लेकर काफ़ी जदोजहद हुई। आखिर में पूर्व सरपंच तूफ़ान मीणा, केकड़ी डीएसपी हर्षित शर्मा तथा ग्रामीणों ने केकड़ी विधायक शत्रुघ्न गौतम को मामले से अवगत कराते हुए उनसे मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजे की मांग की। जिस पर विधायक गौतम ने मृतक के प्रत्येक वारिसो को एक लाख रुपए मुख्यमंत्री सहायता कोष, एक लाख रुपए विधायक कोष तथा एक लाख रुपए कलक्टर फण्ड से दिलाने का भरोसा दिलाया। तब ग्रामीण और परिजन शव लेने को राजी हुए।
उधर, पुलिस ने मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर मत्स्य ठेकेदार मोहम्मद रफ़ीक कुरैशी के ख़िलाफ़ मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने तीनों मृतकों के शवों का नापाकाखेड़ा के राजकीय चिकित्सालय में मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सुपुर्द किए। इसके बाद सैंकड़ों लोगों की मौजूदगी में तीनों की एक साथ गाँव में शव यात्रा निकली और ग़मगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। इससे पहले मंगलवार सुबह से ही एसडीआरएफ टीम फ़िर जुटी। उल्लेखनीय है कि नापाकाखेड़ा निवासी संदीप पुत्र अमर सिंह मीणा, कालूराम पुत्र रमेश चंद्र मीणा तथा राजवीर पुत्र राजेश मीणा के साथ इसी गाँव के किरोड़ी मीणा और सांवरा मीणा नाव में सवार होकर बनास नदी में गए। इस बीच उनकी नाव असंतुलित होकर पलट गई। जिससे संदीप, कालूराम और राजवीर मीणा पानी में डूब गए।
वहीँ किरोड़ी और सांवरा मीणा ने तैरकर अपनी जान बचाई। पानी में डूबे तीनों युवकों की तलाश में अजमेर से आई एसडीआरएफ टीम ने की। लेकिन शाम को अंधेरा हो जाने के कारण सर्च ऑपरेशन रोक दिया गया। इसके बाद मंगलवार सुबह फिर टीम ने सर्च ऑपरेशन किया। टीम को पहला शव कालूराम का दोपहर एक बजे मिला। इसके बाद एक-एक घण्टे के अंतराल के बाद शेष दोनों शवों को बाहर निकालने में टीम को सफलता मिली। तीनों शवों को मौके पर ही फ्रीजर में रख कर ग्रामीणों ने उचित मुआवजे की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। जिन्हें चार घण्टे की काफ़ी जदोजहद के बाद विधायक शत्रुघ्न गौतम की घोषणा के बाद मामला शांत हुआ। इस दौरान एतिहात के तौर पर चार थानों का पुलिस जाप्ता मौके पर तैनात रहा।
वही सावर तहसीलदार भगवती प्रसाद वैष्णव, केकड़ी डिप्टी एसपी हर्षित शर्मा, सावर थाना प्रभारी बनवारी लाल मीणा, सरवाड़ थाना प्रभारी जगदीश प्रसाद चौधरी, केकड़ी सदर थाना प्रभारी नाहर सिंह तथा सराणा थाना प्रभारी भँवरलाल आदि मौजूद थे।


