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आवां का ‘महासंग्राम’ : हजारों बाहुबलियों के बीच खेला गया 80 किलो का दड़ा

अकाल-सुकाल के बीच सामान्य रहेगा साल 2026


Deoli News 14 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आवां कस्बे में ऐतिहासिक दड़ा महोत्सव बुधवार को भारी उत्साह और रोमांच के साथ संपन्न हुआ। दोपहर करीब 12 बजे पूर्व रियासत से जुड़े सदस्य आदित्य सिंह ने 80 किलो वजनी जूट की गेंद (दड़ा) को गढ़ के चौक में रखकर और उसे ठोकर मारकर खेल की शुरुआत की।

इस अनूठे खेल को देखने और खेलने के लिए आवां के चौक में हजारों की संख्या में लोग उमड़ पड़े। गोपाल मंदिर के सामने करीब 5 हजार खिलाड़ियों के बीच इस भारी-भरकम गेंद पर कब्जा करने की जबरदस्त होड़ मची रही, जिसे छतों पर खड़े हजारों दर्शकों ने तालियों और हूटिंग के साथ सराहा। करीब ढाई घंटे तक चले इस कड़े मुकाबले के बाद दड़ा न तो अखनिया गेट की ओर जा सका और न ही दूनी दरवाजे के गोलपोस्ट तक पहुंच पाया। लिहाजा गेंद गढ़ के चौक में ही रुक गई।

लोक मान्यता के अनुसार, यदि गेंद अखनिया गेट की तरफ जाती है तो अकाल की आशंका रहती है और दूनी दरवाजे की ओर जाने पर सुकाल यानी अच्छी बारिश की संभावना होती है। गेंद के चौक में ही थमने से ज्योतिषीय और लोक मान्यताओं के आधार पर यह संकेत निकला है कि साल 2026 प्रदेश के लिए सामान्य रहेगा, जिसमें न अकाल का भय होगा और न ही अतिवृष्टि का। इस पारंपरिक खेल के दौरान कानून व्यवस्था संभालने के लिए डीएसपी हेमराज जाट और दूनी थाना प्रभारी रतन सिंह पुलिस जाप्ते के साथ मौजूद थे।

वहीं पूर्व कृषि मंत्री डॉ. मंत्री प्रभुलाल सैनी, आवां सरपंच दिव्यांश भारद्वाज और कांग्रेस नेता कुलदीप सिंह राजावत सहित कई अतिथियों ने छतों से इस रोमांचक खेल का नजारा देखा। जूट और रस्सियों से तैयार इस 80 किलो के दड़े ने एक बार फिर आवां की गौरवशाली संस्कृति और युवाओं के अदम्य साहस का परिचय दिया।

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