Deoli News 12 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पीएम श्री राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय सारदड़ा में गुरुवार को बेटियों के आत्मविश्वास और साहस का संगम देखने को मिला। यहां आयोजित आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर के दौरान छात्राओं को विपरीत परिस्थितियों में अपनी सुरक्षा स्वयं करने के अचूक गुर सिखाए गए।


महिला कांस्टेबल रजिया बानो और गायत्री ने प्रशिक्षकों ने छात्राओं को न केवल शारीरिक पैंतरे सिखाए, बल्कि दैनिक जीवन में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं को रक्षा कवच में बदलना भी सिखाया। प्रशिक्षण की शुरुआत अनुशासन और एकाग्रता के साथ हुई, जहाँ बालिकाओं को सावधान-विश्राम की मुद्राओं के साथ ‘मोक्ष ऑफ-मोक्ष ऑन’, ‘सोमन रे’, और ‘ओस’ जैसे मार्शल आर्ट्स के बुनियादी सिद्धांतों से रूबरू कराया गया। मैदान में जब बेटियों ने एक साथ ‘राइडिंग हॉर्स फाइटिंग पोजीशन’ और ‘पंच’ का अभ्यास किया, तो उनकी गूँज से पूरा परिसर जीवंत हो उठा। प्रशिक्षण के दौरान लेफ्ट और राइट फॉरवर्ड फाइटिंग स्टान्स के साथ-साथ ‘केट स्टान्स’ और ‘हेड मूवमेंट’ की बारीकियों को विस्तार से समझाया गया।
ताकि किसी भी हमले के वक्त त्वरित प्रतिक्रिया दी जा सके। कांस्टेबल रजिया बानो ने बताया कि सुरक्षा के लिए हमेशा महंगे उपकरणों की जरूरत नहीं होती। उन्होंने व्यावहारिक प्रदर्शन के माध्यम से दिखाया कि कैसे एक साधारण सी ‘चुन्नी’ या ‘पर्स’ को दुश्मन के खिलाफ प्रभावी हथियार बनाया जा सकता है। इतना ही नहीं, ड्रेस में लगी एक छोटी सी ‘सेफ्टी पिन’ और हाथों के ‘नाखून’ भी मुसीबत के समय हमलावर को पस्त करने में कितने कारगर साबित हो सकते हैं, इसका सजीव प्रशिक्षण पाकर बालिकाएं उत्साहित नजर आईं।

ब्लॉकेज, किक और ‘गुत्थम-पछाड़’ सहित तकनीकों के माध्यम से छात्राओं को शारीरिक रूप से मजबूत बनने के साथ-साथ मानसिक सजगता का पाठ भी पढ़ाया गया। उल्लेखनीय है कि थाने की कालिका यूनिट लगातार बालिका और महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दे रही है।


