व्यापारियों और आमजन ने किया विरोध प्रदर्शन की घोषणा
Deoli News 1 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के राजकीय उप जिला अस्पताल और रोडवेज बस स्टैंड को वर्तमान स्थानों से हटाकर अन्यत्र ले जाने की चर्चाओं के बीच शहरवासियों में रोष है। इस मुद्दे को लेकर रविवार रात स्थानीय गांधी पार्क में व्यापारियों, आमजन और प्रबुद्ध लोगों की बैठक आयोजित की गई।
जिसमें दोनों संस्थाओं को शहर से बाहर ले जाने के प्रस्ताव का पुरजोर विरोध किया गया। बैठक में उपस्थित राकेश ओसवाल के अनुसार यहां वक्ताओं ने स्पष्ट रूप से कहा कि रोडवेज बस स्टैंड और राजकीय उप जिला अस्पताल शहर की जीवन रेखा हैं। इन्हें शहर से बाहर स्थानांतरित करना आमजन के साथ अन्याय होगा। वक्ताओं ने सुझाव दिया कि यदि सरकार या प्रशासन द्वारा इनके विकास के लिए कोई बजट आवंटित किया गया है, तो उस राशि का उपयोग इन्हीं मौजूदा परिसरों के जीर्णोद्धार और व्यवस्थाओं में सुधार के लिए किया जाना चाहिए।
लोगों का मानना है कि वर्तमान में किसी भी नई जगह को चिन्हित करने का विचार ही नहीं है। चर्चा के दौरान यह भी बताया गया कि हाल ही में रोडवेज बस स्टैंड को जयपुर-कोटा बाईपास स्थित कृषि मंडी के पास स्थानांतरित करने के संभावित प्रस्ताव के बाद से शहर में विरोध है। इससे पहले, टोंक में लोगों के एक प्रतिनिधिमंडल ने क्षेत्रीय विधायक राजेंद्र गुर्जर से मुलाकात कर अपनी समस्या से अवगत कराया था। वहां गए लोगों के अनुसार इस पर विधायक ने जनता की भावनाओं के अनुरूप समर्थन देने का आश्वासन दिया है। इस पूरे प्रकरण के विरोध में और अपनी मांगों को मजबूती से रखने के लिए 2 जून को शहर में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा।
बैठक में हुए निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9:30 बजे लोग पुरानी धान मंडी परिसर में एकत्रित होंगे। यहाँ से विरोध प्रदर्शन करते हुए लोग अंबेडकर सर्कल, ममता सर्किल, छतरी चौराहा और पुलिस थाना होते हुए रोडवेज बस स्टैंड भीतर तक जाएंगे। सभी प्रदर्शनकारी एसडीओं कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपेंगे। बैठक में उपस्थित लोगों ने मांग की है कि प्रशासन बिना किसी जन-प्रतिनिधि और जनता की सहमति के इन प्रमुख संस्थाओं को हटाने का कोई भी निर्णय न ले और वर्तमान में उपलब्ध सेवाओं को यहीं सुदृढ़ करे। इस दौरान आम लोग और व्यापारी मांग पत्र दिए जाने तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखकर विरोध प्रदर्शन करेंगे।



