Deoli News 15 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली क्षेत्र के दुर्गापुरा ढाणी निवासी धनराज बैरवा की बिजली करंट की चपेट में आने से हुई दर्दनाक मौत का मामला अब तूल पकड़ चुका है। सोमवार को धनराज को न्याय दिलाने के लिए उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर सैकड़ों लोगों का धरना दूसरे दिन भी जारी रहा।
सुबह से ही विभिन्न संगठनों के वक्ताओं ने मृतक के परिजनों को 50 लाख रुपए की आर्थिक सहायता और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को मजबूती से उठाया। दोपहर करीब एक बजे बीएसएस सुप्रीमो नरेश मीणा अपने समर्थकों के साथ धरना स्थल पर पहुंचे, जिसके बाद वहां नारेबाजी और तेज हो गई। इस दौरान अंबेडकर विचार मंच के पदाधिकारी, परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे। धरना स्थल को संबोधित करते हुए नरेश मीणा ने कहा कि यह दुर्घटना महज एक लाइनमैन की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता है।
उन्होंने कहा कि धनराज की असमय मृत्यु से परिवार को जो क्षति हुई है, उसकी भरपाई संभव नहीं है, लेकिन अब समाज को एकजुट होकर उस परिवार को आर्थिक संकट से उबारने के लिए खड़ा होना होगा ताकि मृतक के छोटे बच्चों का भविष्य सुरक्षित रहे। नरेश मीणा ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि धनराज का शव एसएमएस अस्पताल में पड़ा है और परिजन न्याय के लिए दर-दर भटक रहे हैं। उन्होंने प्रशासन को सख्त लहजे में आगाह किया कि यदि शासन-प्रशासन कानून की आड़ लेकर जबरदस्ती अंतिम संस्कार करने का प्रयास करता है, तो ऐसा जन-आक्रोश या भूचाल आएगा कि सरकार की ही अंत्येष्टि हो जाएगी।

दैनिक ब्यूरो को कहा, दुखद है मामला, निष्ठुर है शासन प्रशासन
दैनिक ब्यूरो से बातचीत में नरेश मीणा ने कहा कि यह एक दलित परिवार की दुखद त्रासदी है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उनकी एडीएम से बात हुई है, लेकिन यह मामला अभी जिला कलक्टर स्तर का है। उन्होंने जिला कलक्टर से मांग की कि वे लोगों की भावनाओं और उचित मांगों को गंभीरता से लेते हुए राज्य सरकार को तत्काल अवगत कराएं। अब यह मुद्दा केवल देवली तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पूरे राज्य में चर्चा का विषय बन चुका है। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि केवल मुआवजा ही नहीं, बल्कि इस घटना के लिए जिम्मेदार सिस्टम के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे नहीं चाहते कि पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटकता रहे, जो भी सहायता मिले वह त्वरित और सम्मानजनक होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि बीते 2 जून को रघुनाथपुरा गांव में विद्युत पोल पर काम करते समय धनराज बैरवा करंट की चपेट में आ गया था, जिससे उसके दोनों हाथ काटने पड़े थे। लंबे उपचार के बाद रविवार सुबह करीब 9 बजे उसकी मृत्यु हो गई, जिसके बाद से क्षेत्र के निवासियों में गहरा रोष व्याप्त है और वे परिजनों को न्याय दिलाने की मांग पर अड़े हैं। इस दौरान अंबेडकर विचार मंच देवली के अध्यक्ष पांचूलाल मीणा, निवाई के पूर्व विधायक कमल बेरवा समेत मौजूद थे। अंबेडकर मंच अध्यक्ष ने बताया कि भीम सेना के प्रदेश अध्यक्ष रवि मेघवाल धरना स्थल के लिए जयपुर से रवाना हो चुके हैं।
जानकारी के अनुसार प्रशासन पीड़ित परिवार को विद्युत निगम समेत योजनाओं से कुल मिलाकर 12 लाख रुपए आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दे चुका है। लेकिन अभी तक इस पर सहमति नहीं बनी है।


