Deoli News 28 जुलाई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक द्वारा पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, देवली में विद्यार्थियों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न एवं विधिक संरक्षण विषय पर विधिक जागरूकता कार्यक्रम हुआ।
यहां जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, टोंक के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने विद्यार्थियों से कहा कि यौन उत्पीड़न के खिलाफ जागरूकता ही सबसे प्रभावी सुरक्षा है। किसी भी अनुचित व्यवहार, अशोभनीय टिप्पणी, ऑनलाइन या ऑफलाइन उत्पीड़न की स्थिति में डरने या चुप रहने के बजाय तुरंत शिकायत करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यार्थी को सुरक्षित एवं सम्मानजनक वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है। पॉक्सो अधिनियम-2012, कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न अधिनियम-2013 तथा संविधान के विभिन्न प्रावधान विद्यार्थियों को कानूनी संरक्षण प्रदान करते हैं। उन्होंने सोशल मीडिया का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, निजी जानकारी साझा करने से बचने तथा किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेल की सूचना तत्काल अभिभावकों, शिक्षकों या संबंधित अधिकारियों को देने की सलाह दी।
जलुथरिया ने बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा पात्र व्यक्तियों को निःशुल्क विधिक सहायता, कानूनी परामर्श, पैनल अधिवक्ता, मनोवैज्ञानिक परामर्श तथा राजस्थान पीड़ित प्रतिकर योजना के अंतर्गत सहायता उपलब्ध कराई जाती है। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं एवं गरिमा पेटी में प्राप्त समस्याओं का समाधान किया गया। साथ ही बाल विवाह, नशा मुक्ति, शिकायत के माध्यम एवं संबंधित संस्थाओं की भूमिका की जानकारी दी गई तथा अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम में तालुका सचिव विजय गौड़ एवं पैरा लीगल वालंटियर भगवान कंवर उपस्थित थे।



