बीजवाड़ में आज भी जीवंत हो रहे रामायण के प्रसंग
Deoli News 13 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) स्मार्ट मोबाइल फोन, हर सेकंड अपडेट और टीवी के बढ़ते दौर में भी ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक परंपराएं अपनी जड़ें मजबूत बनाए हुए हैं। इसका उदाहरण क्षेत्र के ग्राम बीजवाड़ में देखने को मिल रहा है।
जहां बजरंग रामलीला मंडल द्वारा लगातार 54 वर्षों से ग्रामीणों के सहयोग से रामलीला का मंचन किया जा रहा है। स्थानीय कलाकार रामायण के प्रसंगों को मंच पर जीवंत कर नई पीढ़ी को धर्म और संस्कृति से जोड़ रहे हैं। रामलीला मंडल अध्यक्ष रामरतन जाट ने बताया कि सोमवार को मंचन के दौरान विश्वामित्र द्वारा राजा दशरथ से राम-लक्ष्मण को मांगने, भगवान राम द्वारा ताड़का वध करने तथा गंगा घाट पर ब्राह्मणों से मिलने और वंशावली पढ़ने सहित विभिन्न प्रसंगों का सजीव अभिनय प्रस्तुत किया गया।
रामलीला के संरक्षक जगदीश हवलदार ने कहा कि कलियुग में यह रामलीला अमृत रूपी गंगा के समान है। उन्होंने कलाकारों से इस परंपरा को आगे भी जारी रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि रामलीला का आयोजन गांव और समाज की भलाई के साथ सभी के कल्याण का माध्यम है। ग्रामीणों के सहयोग से 54 वर्षों से जारी यह आयोजन आज भी धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक विरासत को संजोए हुए है।



