Deoli News 7 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में रेनकोट निर्माण एवं सप्लाई व्यवसाय से जुड़े एक व्यवसायी के साथ एक करोड़ 4 लाख 75 हजार रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित प्रदीप सिंह शक्तावत की रिपोर्ट पर देवली थाना पुलिस ने आपराधिक षड्यंत्र, धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेज तैयार करने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।

दर्ज रिपोर्ट के अनुसार अप्रैल 2024 में राइजअप इंटरनेशनल-के के निदेशक श्रीनिवासन और सुखवीर सिंह ने देवली आकर व्यवसायी से संपर्क किया। आरोपियों ने कंपनी के दस्तावेज और बड़े कारोबार का भरोसा दिलाते हुए जागृत भारत प्रोडक्ट प्राइवेट लिमिटेड की निदेशक अर्चना कुमारी से भी बातचीत करवाई। इसके बाद रेनकोट उत्पादन एवं आपूर्ति के व्यवसाय में शामिल करने का झांसा देकर परिवादी से 34 लाख रुपए नकद एवं ऑनलाइन एडवांस के रूप में लिए गए। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि लखनऊ स्थित डॉ. राममनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में रेनकोट आपूर्ति के नाम पर तीन किश्तों में 23 लाख 62 हजार 500 रुपए प्रति किश्त के हिसाब से कुल 70 लाख 87 हजार 500 रुपए आरटीजीएस के जरिए ट्रांसफर करवाए गए।

आरोपियों ने कथित रूप से फर्जी बिल और कूटरचित ई-वे बिल तैयार कर संस्थान में माल की आपूर्ति दर्शा दी, जबकि परिवादी के अनुसार वास्तविकता में वहां कोई माल नहीं पहुंचाया गया। संदेह होने पर व्यवसायी ने कंपनी के कार्यालय और बताए गए आपूर्ति स्थल की पड़ताल की तो वहां कार्यालय नहीं मिला और न ही माल की आपूर्ति की जानकारी मिली। रकम वापस मांगने पर आरोपियों द्वारा टालमटोल करने और बाद में राशि लौटाने से इनकार करने का आरोप है।
पुलिस ने श्रीनिवासन, रघुवीर सिंह, अर्चना कुमारी सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया है।


