Deoli News 18 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) श्री महावीर दिगम्बर जैन मंदिर देवली में शनिवार को आर्यिका विज्ञाश्री माताजी ने आयोजित धार्मिक सभा में प्रवचनों से श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाया। इससे पहले माताजी संघ का देवली में जयकारों के साथ मंगल प्रवेश हुआ।

उन्होंने कहा कि अहंकार एक ऐसा वृक्ष है, जो बिना किसी बीज के ही मन में पनप जाता है, जबकि मनुष्य की असली पहचान उसकी विनम्रता में है। उन्होंने उदाहरण देते हुए बताया कि लोहा, सोना, आटा और मिट्टी जब नरम होते हैं, तभी उनसे उपयोगी वस्तुएं और आभूषण बनते हैं। ठीक उसी प्रकार जब मनुष्य का हृदय नरम होता है और वह झुकना सीखता है, तभी वह ईश्वरत्व को प्राप्त कर सकता है। अकड़ को उन्होंने मुर्दे की पहचान बताते हुए कोमलता को सृजन का आधार बताया। मंदिर अध्यक्ष संजय जैन एवं प्रवक्ता अंकित जैन डाबर ने बताया कि अक्षय तृतीया पर 19 अप्रैल को विशेष पढगहन के बाद इक्षु रस (गन्ने का रस) का आयोजन किया जाएगा।



