Deoli News 20 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) इन दिनों देवली शहर की राजनीति में कांग्रेस के कुछ नेताओं और पार्षदों के शामिल होने की चर्चाओं ने बड़े फेरबदल होने के संकेत दे दिए है। जिससे शहर की राजनीति के समीकरण बदल जाने की सम्भावना है।
हालांकि जिन नेताओं के नाम चर्चाओं में चल रहे है, उन्होंने फिलहाल किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नही दी है, लेकिन जिस तरह से प्रदेश ही नही देश मे कांग्रेस के नेताओं के बीजेपी में शामिल होने का सिलसिला चल रहा है, उसी के चलते देवली में भी इस तरह की चर्चाएं चल रही है। जिनमे दम दिखाई दे रहा है।प्रदेश में लगातार कांग्रेस से बीजेपी में मिलने वाले नेताओं का कुनबा बढ़ रहा है। उसी के चलते देवली में भी स्थानीय कांग्रेस के बड़े नेताओं के शामिल होने की चर्चाएं बीते क़ई दिनों से चल रही है। यदि ये फेरबदल होता है तो शहर के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव अवश्यभावी है। उल्लेखनीय है कि बीते नगरपालिका चुनावों में बीजेपी को बड़ी हार का सामना करना पड़ा था और सीटे घटकर 2 से 3 रह गई थी। निर्दलीय पार्षदो के कांग्रेस में शामिल होने से देवली में कांग्रेस का बोर्ड बना और यहीं हालत पंचायत चुनाव में भी रही।
प्रधान पद को लेकर चली रस्साकशी में कांग्रेस ने एक सदस्य को शामिल कर पंचायत राज चुनाव में अपना प्रधान बनाने में कामयाबी हांसिल की थी, ऐसे में ये फेरबदल प्रधान सीट को लेकर भी सम्भव है। चूंकि टोंक-सवाईमाधोपुर लोकसभा क्षेत्र में चुनाव होने है। लिहाजा बीजेपी भी चाहेगी कि उसका जनाधार उन स्थानों पर बढ़े, जहाँ वह कमजोर चल रही है। देवली-उनियारा विधानसभा क्षेत्र में वर्तमान में कांग्रेस के बोर्ड- प्रधान है, ऐसे में उम्मीद है कि कांग्रेस को नीचे स्तर तक आधार मिटाने के लिहाज से ऐसा होने की संभावना पर उम्मीद जताई जा रही है।
सूत्रों के मुताबिक अभी ये पता नही चला है कि एक-दो दिनों में कितने पार्षद, पंचायत समिति सदस्य, बड़े नेता बीजेपी में शामिल होंगे पर सूत्रों के मुताबिक मामले को लेकर बड़ी कवायद चल रही है। जिसके बारे में जल्द फैसला होने की सम्भावना है। वही अधिकृत घोषणा होने के बाद ही सही स्थिति स्पष्ट होगी।


