Deoli News 16 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) बरसात के देर से विदा होने के कारण काश्तकारों को खेतों में अगली फसल की बुवाई की तैयारियों में जुटना पड़ रहा है। इसी वजह से नवरात्र में भी व्यापार पर असर पड़ा और अभी आगे भी इसका असर देखा जा सकता है।
उल्लेखनीय है इस बार बरसात का दौर लंबे समय तक जारी रहने से न केवल फसलें खराब हुई, बल्कि किसानों को भी नुकसान हुआ। जिले में फसलों के नुकसान से किसानों की आर्थिक हालत खराब हुई है। अभी भी किसान खेतों में चारा, फसलों को एकत्रित करने में जुटे है तो सरसों, गेंहू आदि फसलों की बुवाई के लिए भी आवश्यक तैयारियों में लगे हुए है। इन दिनों खाद-बीज, दवाइयों के इंतजाम के साथ फसलों की बुवाई का काम भी चल रहा है। शहर में नवरात्रि से बाजारों में उठाव आना शुरू हो जाता है। लेकिन इस बार ऐसा नही हुआ।व्यापारियों ने इस वर्ष सीजन को देखते हुए इलेक्ट्रॉनिक, इलेक्ट्रिक, रेडिमेड व्हीकल मार्केट में उठाव की उम्मीदें पाली और माल का स्टॉक भी जमा किया। लेकिन नवरात्र में मात्र 30 फीसदी ही कारोबार हुआ। कपड़े, जूते, सर्राफ़ा समेत कारोबार भी अपेक्षा से कम हुआ। इसका सबसे बड़ा कारण किसानों का खेतों में व्यस्त रहना माना जा रहा है।
बाजारों में इन दिनों सन्नाटा छाया हुआ है और व्यापारियों में निराशा छाई हुई है। दीपावली के पर्व में अब महज 12 से 14 दिन बचे है। करवा चौथ के तीन दिन बचे है, व्यापारियों में उम्मीद है कि अगले तीन-चार दिनों में बाजार उठना शुरू होंगे।


