Deoli News 27 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) रामलीला मंडल बीजवाड़ द्वारा आयोजित रामलीला में शुक्रवार को ‘केवट संवाद’ का भावपूर्ण मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को भाव-विभोर कर दिया।
मर्यादा पुरुषोत्तम श्री राम, लक्ष्मण और माता सीता के साथ वन गमन के दौरान गंगा तट पर पहुंचे, जहां उन्होंने गंगा पार करने के लिए केवट से नाव मांगी। इस दौरान, केवट और प्रभु राम के बीच का संवाद मार्मिक रहा। केवट ने पहले प्रभु के चरणों को पखार कर अपनी नाव पर बैठाने की जिद की। उसने कहा कि वह जानता है कि प्रभु के चरणों की रज में ऐसी शक्ति है कि वह पत्थर को भी नारी बना सकती है। अपनी नाव को बचाने और प्रभु की कृपा पाने के लिए, केवट ने श्रद्धापूर्वक गंगा जल से राम, लक्ष्मण और सीता के चरण पखारे और फिर उन्हें गंगा पार उतारा।
गंगा पार उतरने के बाद, जब श्रीराम ने केवट को मजदूरी के रूप में अपनी मुद्रिका (अंगूठी) देनी चाही, तो केवट ने उसे लेने से साफ मना कर दिया। प्रेम और त्याग के इस अद्भुत दृश्य में केवट ने प्रभु से कहा, “हे नाथ! मैंने आपको गंगा पार किया है, अब आप मुझे इस भवसागर से पार कर देना।” केवट का यह निष्काम प्रेम देखकर भगवान श्री राम अत्यंत प्रसन्न हुए और उन्होंने केवट को आशीर्वाद दिया। शनिवार को रामलीला में भाई के प्रेम और मिलन का प्रतीक ‘भरत मिलाप’ संवाद होगा। जबकि रविवार को अहंकार और दुष्टता पर धर्म की जीत का मंचन ‘शूर्पनखा की नाक काटे जाने’ की लीला के साथ किया जाएगा।

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