Jahazpur News 23 अप्रैल (मोहम्मद आज़ाद नेब) राजस्व ग्राम गोरमगढ़ को नई ग्राम पंचायत धांधोला में मिलाने के निर्णय के खिलाफ गांववासियों में आक्रोश देखने को मिल रहा है।
ग्रामीणों ने इस फैसले का विरोध करते हुए उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा और चेतावनी दी कि यदि सरकार ने यह फैसला वापस नहीं लिया, तो आगामी पंचायत चुनावों का बहिष्कार किया जाएगा। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि वे गोरमगढ़ को गाडोली ग्राम पंचायत में ही बनाए रखने की मांग कर रहे हैं। इसकी वजह है कि यह गाडोली गांव से महज 2 से ढाई किलोमीटर दूर है, जबकि धांधोला तक की दूरी 8 किलोमीटर है।
उन्होंने कहा कि इतनी दूरी तय कर किसी सरकारी कार्य के लिए जाना कठिन होगा, जिससे आमजन को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि गोरमगढ़ को धांधोला में मिलाने की जो रिपोर्ट पेश की गई है, वह फर्जी है। यह रिपोर्ट एक ही परिवार के कुछ सदस्यों द्वारा मनमाने ढंग से तैयार की गई है, जिसमें कई फर्जी हस्ताक्षर और अंगूठा निशान शामिल हैं। गांव के अधिकांश लोगों को ऐसी किसी रिपोर्ट की जानकारी तक नहीं थी।
ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे पहले भी गाडोली पंचायत में शामिल थे और भविष्य में भी वहीं रहना चाहते हैं। हाल ही में की गई एक बैठक में सभी लोगों।को रिपोर्ट पढ़कर सुनाई गई और सभी ने अपने हस्ताक्षर और अंगूठा निशान सही तरीके से दर्ज कर दिए। ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन उनकी भावनाओं का सम्मान करे और गोरमगढ़ को पुनः गाडोली पंचायत में शामिल करने का आदेश जारी करे, अन्यथा वे चुनावों का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।



