Deoli News 1 नवंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राजकीय उप जिला अस्पताल देवली में तकनीकी खराबी के चलते बंद हुई दोनों डायलिसिस मशीनों को जल्द दुरुस्त कर पुनः शुरू करने की कवायद की जा रही है। अस्पताल प्रशासन ने मशीनों की मरम्मत के लिए तत्काल इंजीनियरों से संपर्क किया है।
इनमें से एक मशीन सोमवार तक फिर से चालू होने की उम्मीद जताई गई है, जबकि दूसरी मशीन को भी जल्द शुरू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। दरअसल अस्पताल में डायलिसिस सुविधा का लाभ लेने वाले मरीजों को फिलहाल मशीनों में आई तकनीकी खराबी के कारण बाहर जाकर डायलिसिस करवाना पड़ रहा है। इस संबंध में उपजिला अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी प्रभारी डॉ. रविराज सिंह ने बताया कि डायलिसिस मरीजों की जरूरत और सुविधा को ध्यान में रखते हुए मशीन खराब होने की सूचना तत्काल संबंधित इंजीनियरों को पत्र के माध्यम से दी गई थी। इंजीनियरों की टीम देवली अस्पताल का निरीक्षण भी कर चुकी है।
उन्होंने उम्मीद जताई कि एक डायलिसिस मशीन सोमवार को पुनः शुरू हो जाएगी तथा दूसरी मशीन को भी जल्द दुरुस्त कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन डायलिसिस सुविधा को लेकर गंभीर है और तकनीकी खराबी सामने आते ही उसके समाधान के लिए आवश्यक कदम उठाए जाते हैं।
अस्पताल भवन की मरम्मत भी जल्द
चिकित्सा अधिकारी प्रभारी सिंह ने बताया कि अस्पताल भवन में विभिन्न स्थानों पर क्षतिग्रस्त हिस्सों की मरम्मत का कार्य भी जल्द शुरू करवाया जाएगा। इसके लिए आवश्यक प्रक्रिया की जा रही है।

मरम्मत कार्य किस एजेंसी के माध्यम से करवाया जाएगा, यह तय होना बाकी है। अस्पताल प्रशासन का प्रयास है कि मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध हों। बता दें कि डायलिसिस मशीन का उपयोग किडनी (गुर्दे) के गंभीर मरीजों के उपचार में किया जाता है। जब किडनी खून से गंदगी, अतिरिक्त पानी और विषैले तत्वों को बाहर निकालने में सक्षम नहीं होती, तब यह मशीन कृत्रिम रूप से खून की सफाई करती है। डायलिसिस के माध्यम से शरीर में पानी और जरूरी खनिजों का संतुलन बनाए रखने में मदद मिलती है। किडनी फेलियर के मरीजों के लिए यह जीवनरक्षक उपचार साबित होता है।



