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65 लाख से अधिक किसानों के खातों में 653 करोड़ रुपए हस्तांतरित
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20 हजार किसानों को मिली फार्म पौंड की सौगात
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21 कस्टम हायरिंग केन्द्रों की होगी स्थापना
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करीब 80 हजार किसानों को मिला 350 करोड़ का अल्पकालीन फसली ऋण
Desk News 30 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि देश के लिए अन्न उपजाने वाले किसान को सशक्त बनाना हमारी डबल इंजन सरकार की प्राथमिकता है। राज्य सरकार द्वारा किसान कल्याण की दिशा में कई कदम उठाए गए हैं। उन्होंने कहा कि किसान की समृद्धि से ही विकसित एवं खुशहाल राजस्थान का सपना साकार होगा।
हमारी सरकार संकल्प पत्र के सभी वादों को पूरा कर रही है। मुख्यमंत्री शर्मा रविवार को टोंक की कृषि उपज मंडी में ‘मुख्यमंत्री किसान सम्मान निधि योजना’ के राज्यस्तरीय समारोह को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत प्रदेश के किसानों को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 6 हजार रुपए राशि के साथ 2 हजार रुपए अतिरिक्त दिए जाएंगे। इसी क्रम में राज्य सरकार की ओर से एक हजार रुपए की पहली किस्त के तौर पर 65 लाख से अधिक किसानों के खातों में 653 करोड़ रुपए सीधे जमा किए गए हैं।
प्रधानमंत्री से मिली किसानों को सम्मान और संबल देने की प्रेरणा
शर्मा ने कहा कि किसानों को सम्मान और संबल देने की प्रेरणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मिली है। उन्होंने प्रधानमंत्री पद की तीसरी बार शपथ लेते ही प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की 17वीं किस्त जारी की है। इस योजना के माध्यम से हर वर्ष किसानों के खातों में 6 हजार रुपए जमा करवाए जा रहे हैं।
किसान कल्याण राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता
मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं भी किसान का बेटा हूं। उनकी परेशानियों से मैं भली-भांति परिचित हूं। लिहाजा हमारी सरकार किसान हितों की रक्षा में सदैव तत्पर रहती है। उन्होंने कहा कि राज्य में गेहूं के 2275 रुपए प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य के ऊपर 125 रुपए का बोनस प्रदान कर 2400 रुपए प्रति क्विंटल पर गेहूं खरीद की गई है। प्रदेश में 10 हजार सौर ऊर्जा संयंत्रों, 41 हजार हेक्टेयर क्षेत्रफल में ड्रिप, मिनी स्प्रिंकलर तथा 44 हजार हैक्टेयर क्षेत्रफल में स्प्रिंकलर संयंत्रों की स्थापना की गई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के 47 हजार किसानों को कृषि कनेक्शन जारी किए गए हैं। किसानों को बिजली के बिलों में 8 हजार करोड़ रुपए से अधिक का अनुदान दिया गया है। किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने तथा प्रदेश को बिजली सरप्लस राज्य बनाने के लिए 2.24 लाख करोड़ के एमओयू किए गए हैं। प्रदेश के 80 हजार से अधिक किसानों को 350 करोड़ रूपए का अल्पकालीन फसली ऋण मिला है तथा 21 कस्टम हायरिंग केन्द्रों की स्थापना की जा रही है।

केन्द्रीय योजनाओं से प्रदेश के किसान हो रहे लाभान्वित
सीएम शर्मा ने कहा कि देश के पीएम ने किसान कल्याण के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ प्रदेश के किसानों को मिल रहा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत लगभग एक हजार 400 करोड़ रुपये के बीमा क्लेम का वितरण किया गया तथा 9 हजार पीएम किसान समृद्धि केंद्र स्थापित किए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि केन्द्र सरकार द्वारा सहकारी क्षेत्र में विश्व की सबसे बड़ी विकेन्द्रीकृत अनाज भंडारण योजना चलाई जा रही है।
किसानों की पानी और बिजली आवश्यकता होगी पूरी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध करवाकर खेती-किसानी को मजबूत बनाने का राज्य सरकार का संकल्प है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के 21 जिलों में पानी की समस्या दूर करने के लिए ईआरसीपी को संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजना में शामिल कर भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश के साथ एमओयू हुआ है। मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन अभियान- 2.0 के तहत आगामी 4 वर्षों में 5 लाख जल संग्रहण ढांचे बनाए जाएंगे तथा 20 हजार फार्म पौण्ड स्थापित कर वर्षा का जल संग्रहित किया जाएगा।



