प्रवचन में भक्ति के महत्व पर डाला प्रकाश
Deoli News 26 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मुनि आदित्य सागर का बुधवार को देवली में ससंघ मंगल प्रवेश हुआ। समाज के प्रवक्ता चांदमल जैन ने बताया कि अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज की अनुमति से नमोकार मण्डल के धर्मचंद जैन व सभी सदस्यों ने मुनि के मंगल प्रवेश की जिम्मेदारी निभाई।
मंगल प्रवेश में आदिनाथ मन्दिर के सदस्य एवं पाठशाला के बच्चों ने पाद प्रक्षालन किया। चन्द्रप्रभु अग्रवाल दिगम्बर जैन मन्दिर पर समाज के अध्यक्ष बंशीलाल सर्राफ व चंद्रप्रभु जैन नवयुवक मण्डल के सदस्यों ने 21 चौकी लगाकर चांदी के कलशो से प्रक्षालन किया। महिला अध्यक्ष कांता जैन ने सभी व्यवस्थाओं की देखरेख की। इस दौरान मुनि को संघ सहित जुलूस के रूप में प्रमुख मार्गो से ले जाया गया। वहीं पार्श्वनाथ धर्मशाला में धर्मसभा में चित्र अनावरण, द्वीप प्रज्जवलन, शास्त्र भेंट, पाद प्रक्षालन बंशीलाल सर्राफ, महावीर प्रसाद जैन, सुरेश कुमार जैन, व्यापार महासंघ अध्यक्ष चांदमल जैन, राजकुमार कोठारी, शिखरचंद ने किया। मुनि ने प्रवचन में कहा कि असली जैन कहलाने का अधिकारी वह है, जो जो नित्य अभिषेक, पूजन एवं स्वाध्याय करता है।
आप भगवान की भक्ति 30 मिनट प्रतिदिन करते है तो भगवान आपका हर समय ध्यान रखेंगें। इसी प्रकार 2 गरीब बच्चो की कहानी के माध्यम से बताया कि उनकी इच्छा सम्मेद शिखर यात्रा की थी, लेकिन उनके पास पैसा नही था। लेकिन भगवान ने उनकी सुनी। भगवान की निष्ठापूर्वक पूजा करने से फल मिलता है। मंच को संचालन सत्यनारायण जैन एवं भागचंद जैन ने किया। इससे पहले जहाजपुर चुंगी नाका, छतरी चौराहा तथा मुख्य बाजार व विवेकानंद कॉलोनी होते हुए मुनि का जुलूस पार्श्वनाथ धर्मशाला पहुंचा। इससे पहले जगह-जगह स्वागत द्वार बनाए गए तथा झंडिया लगाई गई। जैन श्रद्धालु भजनों पर नाचते हुए चल रहे थे।



