Deoli News 20 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पौराणिक ग्रंथों के अनुसार त्रेतायुग में श्रीराम का जन्म अभिजीत मुहूर्त में हुआ था। इस मुहूर्त को बहुत ही शुभ माना गया है। ऐसे में राम मंदिर में मूर्ति की प्राण-प्रतिष्ठा भी अभिजीत मुहूर्त में ही की जाएगी।
पं तुलसीराम शर्मा अध्यापक ने बताया कि मांगलिक कार्य पंचांग के अनुसार शुभ मुहूर्त में ही किए जाते हैं। ऐसे में ज्योतिष विद्वानों द्वारा रामलाल की प्राण-प्रतिष्ठा के लिए 22 जनवरी की तिथि तय की गई है। पंचांग के अनुसार इस दिन पौष मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त तो रहेगा ही, साथ ही सर्वार्थ सिद्धि योग, अमृत सिद्धि योग और रवि योग जैसे शुभ योगों का भी निर्माण होग।
रामचरितमानस चौपाई भी हैं
“अवधपुरी सोहइ एहि भाँती। प्रभुहि मिलन आई जनु राती॥
“देखि भानु जनु मन सकुचानी। तदपि बनी संध्या अनुमानी”।।
जिसका भावार्थ है कि अवधपुरी इस प्रकार सुशोभित हो रही है, मानो रात्रि प्रभु से मिलने आई हो और सूर्य को देखकर मानो मन में सकुचा गई हो, परंतु फिर भी मन में विचार कर वह मानो संध्या बन (कर रह) गई हो।
घरों में यह करें श्रद्धालु
इस दिन श्रद्धालु मंदिर जाए व भगवान रामजी के दर्शन करे।अपने घर पर ध्वज लगाए। वहीं घर पर शाम को दीपक जलाए।भजन कीर्तन करे (राम स्तुति , रामरक्षा स्तोत्र, श्रीरामावतार, श्री रामनाम की माला का जाप करे। इसके अलावा सुंदरकांड, रामचरितमानस ग्रंथ का पाठ एवं चौपाईयो का पठन करना कल्याणकारी होगा।


