Deoli News 18 मार्च (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) स्थानीय लोकसभा सांसद हरीश चंद्र मीना ने सोमवार को रेलवे विभाग की अनुदानों की मांग पर चर्चा में भाग लिया और कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल देश की एकता और अखंडता का प्रतीक है, लेकिन इसके विस्तार में पक्षपात हो रहा है।
उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक-सवाई माधोपुर की समस्याओं का उल्लेख किया और रेलवे विभाग से कई मांगें रखीं। उन्होंने कहा कि अजमेर से नसीराबाद और टोंक होते हुए सवाईमाधोपुर तक रेल लाइन का काम शुरू होना चाहिए, जो वर्ष 2015-16 के बजट में स्वीकृत हुआ था। इसके अलावा उन्होंने धौलपुर से सरमथुरा और सरमथुरा से गंगापुर रेल लाइन के गेज परिवर्तन के काम को शीघ्र पूरा करने की मांग की। उन्होंने यह भी कहा कि जयपुर-सांगानेर-मालपुरा-टोडारायसिंह रेल लाइन को फिर से शुरू किया जाना चाहिए, जो वर्ष 1993 में बंद कर दी गई थी।
मीना ने बुलेट ट्रेन परियोजना की आलोचना की और कहा कि यह परियोजना केवल एक राज्य को लाभ पहुंचाने के लिए बनाई गई है। उन्होंने यह भी कहा कि रेलवे विभाग में कर्मचारियों की कमी को पूरा करने के लिए आरक्षण नीति को लागू किया जाना चाहिए। उन्होंने रेलवे स्टेशनों के आधुनिकीकरण पर भी सवाल उठाए और कहा कि इसमें आरक्षण नीति को लागू किया जाना चाहिए, ताकि गरीबों को भी इसका लाभ मिल सके। उन्होंने रेलवे विभाग से निष्पक्षता और पारदर्शिता के साथ काम करने की मांग की। इसी तरह टोंक सवाईमाधोपुर संसदीय क्षेत्र में कोरोना काल के दौरान बंद हुई ट्रेनों को वापस चालू करने की भी सांसद ने मांग उठाई।



