Deoli News 16 दिसंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर के अटल उद्यान स्थित टीनशेड प्लेटफार्म पर चल रही संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा पुराण के पहले दिन रविवार रात कथावाचक प्रिया किशोरी ने कहा कि वेद रूपी वृक्ष का पका हुआ फल ही भागवत पुराण है।
श्रीमद्भागवत कथा श्रवण से जीव की मुक्ति संभव है। साध्वी ने श्रीमद्भागवत पुराण का महात्म्य सुनाते हुए संत आत्मदेव व धुंधली देवी की कथा सुनाई। इस दौरान आत्मदेव को पुत्र के लिए परेशान देखकर पुत्र प्राप्ति के लिए संतों द्वारा फल देना, धुंधली देवी द्वारा फल गाय को खिलाना, अपनी सहेली के पुत्र को अपना पुत्र बात कर पालना, पुत्र रूप में धुंधकारी द्वारा माता-पिता आत्मदेव व धुंधली देवी को कष्ट देना, फल से पैदा हुए संत गोकर्ण द्वारा अपने भाई धुंधकारी का भागवत कथा सुनाकर मोक्ष करवाना आदि प्रसंग सुनाए। साध्वी ने कहा कि मन के अंधकार को दूर कर प्रकाश भरने वाले को संत कहते हैं। उन्होंने बताया कि श्री कृष्ण भगवान की लीला को देखकर ब्रह्माजी को भी भ्रम हो जाता है। भगवान अपनी भक्ति करने वाले व्यक्ति की परीक्षा लेने के लिए सबसे पहले उसे अपने आप से दूर करते हैं।
आखिर में ही भगवान भक्त को अपना सानिध्य देते हैं। कथा के दौरान भगवान के तीन धाम मथुरा, वृंदावन व द्वारका का भी वर्णन किया। कथा के दौरान महिलाओं ने भजनों पर नृत्य किया। कथा का सामापन आरती व प्रसाद वितरण किया।


