Deolk News 30 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) क्षेत्र के कल्याणपुरा गांव में चल रही सात दिवसीय श्री मद्भागवत ज्ञान यज्ञ कथा का शनिवार को विधि-विधान के साथ समापन हुआ।
कथावाचक पं तुलसीराम शास्त्री ने राजा मोरध्वज द्वारा अतिथि धर्म के निर्वहन के लिए अपने पुत्र को आरे से चीरने की मार्मिक कथा सुनाई। उन्होंने भगवान कृष्ण के कुल यदुवंशियों के अंत और श्री कृष्ण-बलदेव जी के परम ब्रह्म धाम गमन का प्रसंग रखा। दत्तात्रेयजी की कथा के माध्यम से उन्होंने २४ गुरुओं से शिक्षा लेने और सभी प्राणियों को समान भाव से देखने का संदेश दिया। भस्मासुर की कथा और राजा परीक्षित को तक्षक नाग के डसने के बाद भी भागवत कथा के प्रभाव से प्राप्त मोक्ष का वर्णन करते हुए उन्होंने इसे मोक्षदायिनी बताया।
कथा के अंत में भागवत महापुराण महात्म्य के पाठ के साथ पूर्णाहुति हुई। इसके बाद भक्तों ने आरती में भाग लिया और आयोजित भंडारे में प्रसाद ग्रहण किया।


