तीन साल से फरार शातिर आरोपी झुंझुनू से गिरफ्तार
Deoli News 5 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नौकरी लगाने के नाम पर संगठित रूप से लाखों रुपए की धोखाधड़ी करने के मामले में देवली पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार मीणा के निर्देशानुसार चलाए जा रहे धरपकड़ अभियान के तहत तीन साल से फरार चल रहे वांछित आरोपी स्वार्थमल मेघवंशी को झुंझुनू से गिरफ्तार किया गया है।
थानाधिकारी दौलतराम गुर्जर के नेतृत्व वाली विशेष टीम ने यह कार्रवाई की। मामले की शुरुआत देवली के कुचलवाड़ा रोड निवासी लोडक्या लाल रेगर द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से हुई थी। परिवादी की रिपोर्ट के अनुसार महिन्द्रा फाइनेंस कंपनी में रिकवरी कार्य के दौरान उसका संपर्क आरोपियों से हुआ था। आरोपियों ने खुद को प्रभावशाली व्यक्ति बताते हुए आरपीएससी और अन्य सरकारी विभागों में सीधी पहुंच होने का झांसा दिया।
उन्होंने रीट, पटवारी और एमईएस सहित परीक्षाओं में नौकरी लगवाने के नाम पर परिवादी और उसके परिजनों से अलग-अलग समय पर लाखों रुपए ऐंठ लिए। जब किसी भी अभ्यर्थी का चयन नहीं हुआ और परिवादी ने अपनी राशि वापस मांगी, तो आरोपी टालमटोल करने लगे और फरार हो गए। पुलिस अनुसंधान में यह तथ्य सामने आया कि इस गिरोह के एक अन्य सदस्य प्रेमसिंह उर्फ छीतर गुर्जर निवासी चौथ का बरवाड़ा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था। पूछताछ में प्रेमसिंह ने कबूल किया कि धोखाधड़ी से प्राप्त की गई मोटी रकम का मुख्य हिस्सा मजाउ थाना गुड्डागोडजी, जिला झुंझुनू निवासी स्वार्थमल मेघवंशी को दिया गया था।
थाना प्रभारी दौलतराम गुर्जर ने बताया कि आरोपी स्वार्थमल गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले तीन साल से लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था और शातिर तरीके से छिपकर रह रहा था। पुलिस की विशेष टीम, जिसमें सहायक उप निरीक्षक दिलीप सिंह, कांस्टेबल राजाराम और दीपक शामिल थे। जिसने तकनीकी संसाधनों और मुखबिरों की सहायता से आरोपी का पीछा किया और उसे झुंझुनू से धर दबोचा। पुलिस अब आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य संपर्कों और ठगी की गई राशि के बारे में और जानकारी जुटाई जा सके।



