समर्थकों को टिकट दिलवाने की ” कश्मकश” जारी
Political Report 19 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली- उनियारा विधानसभा क्षेत्र में होने जा रहे उपचुनाव को लेकर कांग्रेस भी उम्मीदवार तय करने के भंवर जाल में उलझी हुई है। प्रदेश के दोनो बड़े नेताओं के बीच कश्मकश जारी है। आज नामांकन का दूसरा दिन है।
लेकिन अभी तक कांग्रेस और बीजेपी समेत प्रमुख दल अभी तक उम्मीदवार तय नही कर पाए है। ये मशक्कत दोनो दलों में जारी है। बीजेपी में उम्मीदवार का चयन दिल्ली की बैठक में तय होना है। जबकि कांग्रेस में उम्मीदवार को लेकर अभी राज्य स्तर पर ही कशमकश जारी है। कांग्रेस में ताजा रिपोर्ट के मुताबिक हरिश्चन्द्र मीना के पुत्र हनुमंत मीना, पूर्व केंद्रीय मंत्री नमोनारायण मीना, नरेश मीणा, पूर्व विधायक रामनारायण मीणा के नामों को लेकर कशमकश जारी है। यहां गौरतलब है कि सचिन पायलट टोंक से विधायक है और पायलट के कहने से हरिश्चंद्र मीना ने विधायकी छोड़कर सांसद का चुनाव लड़ा था और जीते भी, लिहाजा ये माना जा रहा उपचुनाव के लिए टिकट का फैसला भी पायलट- मीना की जोड़ी करेगी।
लेकिन अभी पेच फंसा है। देवली-उनियारा क्षेत्र में कांग्रेस का दूसरा बड़ा गुट जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत, प्रदेशाध्यक्ष डोटासरा का नाम लिया जा रहा है जिन्होंने सचिन-मीना की जोड़ी की और सुझाए गए उम्मीदवारो की जगह उनियारा के नरेश मीणा का नाम आगे लाया गया है। पार्टी सूत्रों ने बताया कि बीजेपी किसी नॉन मीणा-गुर्जर को उम्मीदवार बनाती है तो कांग्रेस के बड़े नेता धीरज गुर्जर को टिकट देने की भी चर्चा है। हालांकि कांग्रेस में कोटा के प्रभावी गुर्जर नेता प्रहलाद गुंजल के भी देवली-उनियारा से लड़ाने की चर्चा है लेकिन चर्चा ये भी है कि गुंजल तैयार नही है। ऐसे में वर्तमान में अंदरखाने से आ रही खबरों को आधार माने तो टिकट की दौड़ में पायलट-हरीश के समर्थन के कारण सांसद मीना के पुत्र हनुमंत मीना का नाम सर्वाधिक ऊपर है।
जबकि गहलोत गुट की और से स्थानीय उम्मीदवार नरेश मीणा का नाम मजबूती के साथ रखा गया है। यह कश्मकश आखिर किस तरफ जाएगी ये कहना फिलहाल मुश्किल है। लेकिन ये तय है कि यदि मामला ज्यादा विवाद में पड़ा तो कांग्रेस का टिकट देवली- उनियारा के किसी सामान्य कार्यकर्ता के हाथ में जा सकता है।




