Saturday, April 25, 2026
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HomeEducation"योग और ध्यान" साधना का प्रथम सोपान- डॉ. प्रभुलाल सैनी

“योग और ध्यान” साधना का प्रथम सोपान- डॉ. प्रभुलाल सैनी

कृषि महाविद्यालय में मनाया विश्व ध्यान दिवस


Deoli News 21 दिसम्बर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) पूर्व कृषि मंत्री व प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष डॉ. प्रभुलाल सैनी ने कहा है कि योग और ध्यान साधना का प्रथम सोपान है। सांस जीवनी शक्ति है तो साँसों पर नियंत्रण से मन और विचारों पर नियंत्रण पाया जा सकता है।

पूर्व कृषि मंत्री डॉ. सैनी शनिवार को दोपहर सिरोही स्थित पं दीनदयाल उपाध्याय कृषि महाविद्यालय में विश्व ध्यान दिवस के मौके पर उपस्थित छात्र-छात्राओं को सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि योग और ध्यान से शरीर मे सकारात्मक ऊर्जा का अहसास किया जा सकता है। मन की एकाग्रता से स्वयं को जाना जा सकता है। मन और भावनाओं को सांस नियंत्रित करती है। जो जीव कम सांस लेता है। उसकी जीवन शक्ति ज्यादा होती है। उन्होंने कहा कि श्वान एक मिनट में 27 से 28 बार सांस लेता है, जिसकी उम्र 10 से 12 वर्ष, कछुआ इतने ही समय मे 5 से 6 सांस लेता है लेकिन उसकी उम्र 500 वर्ष होती है। उन्होंने योग, ध्यान को मनुष्य जीवन का महत्वपूर्ण सोपान बताते हुए इन्हें अपनाने की सलाह दी।

इस मौके पर आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन के समन्वयक नवल किशोर पारीक ने पं रविशंकर की ओर से योग और मेडिटेशन के सम्बंध किए गए विश्वस्तरीय प्रयासों की विस्तार से जानकारी दी और बताया कि यूएनओ के 188 देशों में योग व मेडिटेशन को मान्यता दिलाई है और भारत देश की इस प्राचीन विद्या को लोग अंगीकार कर रहे है। इस मौके पर पारीक ने महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं से योग-मेडिटेशन कराया और उससे होने वाले लाभों की जानकारी दी। कार्यक्रम से पूर्व डॉ. सैनी व महाविद्यालय ग्रुप के चेयरमैन दिनेश सिंहल ने माँ सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण, दीप प्रज्वलित कर शुभारंभ किया। इस अवसर पर महाविद्यालय के डीन अंकित चौकड़ीवाल समेत स्टॉफ के सदस्य उपस्थित थे।

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