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HomeDainik Bureau Deskपरंपरा : दूध उफनकर बाहर गिरा, "पोंगल-ओ-पोंगल" गूंजा

परंपरा : दूध उफनकर बाहर गिरा, “पोंगल-ओ-पोंगल” गूंजा

रीति रिवाज के साथ हुआ ‘पोंगल उत्सव’


Deoli News 15 जनवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) आरआर कॉलेज ऑफ वेटरनरी एंड एनिमल साइंस, देवली में कृषि और पशुधन की समृद्धि के प्रतीक ‘पोंगल’ के अवसर पर कार्यक्रम हुआ। यहां मुख्य अतिथि कॉलेज अध्यक्ष दिनेश अग्रवाल एवं निदेशिका नीलू अग्रवाल थी।

महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. आरएस राठौर ने कहा कि एक पशु चिकित्सक के लिए केवल चिकित्सा ज्ञान ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे ग्रामीण संस्कृति और किसानों की भावनाओं को समझना भी अनिवार्य है। उत्सव की शुरुआत सुबह पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ हुई, जिसमें चावल, दूध और गुड़ से प्रतीकात्मक पोंगल व्यंजन तैयार किया गया व जैसे ही बर्तन से दूध उफनकर बाहर गिरा, सभी ने “पोंगल-ओ-पोंगल” के जयघोष से वातावरण को हर्षोल्लास से भर दिया। कॉलेज की डेयरी फार्म की गायों और बैलों को नहलाकर, उनके सींगों को रंगकर और उन्हें माला पहनाकर उनकी पूजा की गई।

अध्यक्ष और निर्देशिका ने पोंगल के महत्व पर प्रकाश डाला। इसके बाद छात्र-छात्राओं ने पारंपरिक वेशभूषा में लोक नृत्य और गीतों की प्रस्तुति दी। समापन पर छात्रों और स्टाफ के बीच प्रसाद वितरण हुआ। इस मौके पर एक से बढ़कर एक लोक नृत्य प्रस्तुत किए गए। नृत्य के माध्यम से संस्कृति की झलक दिखाई दी।

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