राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ ने उठाई स्थाई ढांचे की माँग
Deoli News 4 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) की देवली इकाई ने बुधवार को राजकीय महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर राजसेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की वर्तमान संचालन व्यवस्था के विरुद्ध मौन प्रदर्शन किया।
महासंघ का तर्क है कि राजसेस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है, जहाँ स्थाई अकादमिक ढांचे के अभाव और केवल संविदा आधारित नियुक्तियों से शिक्षा की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है। प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि प्रदेश के करीब 260 ऐसे महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थाई संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो गंभीर चिंता का विषय है। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के माध्यम से संविदा पर होने वाली 28 हजार 500 नियुक्तियों की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने की माँग की है।
संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजकर सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू करने और इन महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में संचालित करने का आग्रह किया है। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन आंदोलन के लिए विवश होगा।



