न्यायाधीश ने कहा : न्याय मिलने के साथ दिखना भी चाहिए
Deoli News 19 फरवरी (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दूनी थाना क्षेत्र में आठ साल पहले हुई दिल दहला देने वाली वारदात में गुरुवार को अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश महावीर महावर ने फैसला सुनाया है। न्यायालय ने घर में घुसकर बुजुर्ग महिला भूरी बेगम की गला रेतकर हत्या करने और टखने से पैर काटकर चांदी की कड़ियां लूटने के मामले में फैसला सुनाया है।
यहां अभियुक्त घाटी रेबारियों की बाड़ी मालपुरा निवासी सीताराम और रामनिवास उर्फ काल्यो को कठोर आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस जघन्य हत्याकांड में कोर्ट ने दोषियों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है, जबकि एक अन्य आरोपी अंबालाल को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया और आरोपी प्रभुलाल अब भी फरार चल रहा है। मामले के अनुसार 26 जून 2016 को शाकिर हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसकी चाची का शव घर के भीतर लहूलुहान हालत में मिला था, जिसके पैर काटकर गहने लूटे गए थे।
अभियोजन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक प्रदीप कुमार साहू ने पैरवी करते हुए न्यायालय के समक्ष 20 गवाह और 42 महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश कर आरोपियों के खिलाफ गुनाह साबित किया। फैसले के दौरान न्यायाधीश महावीर महावर ने समाज में बढ़ते अपराधों पर कड़ी टिप्पणी करते हुए लिखा कि आहत को न केवल न्याय मिलना चाहिए, अपितु न्याय होता हुआ दिखना भी चाहिए। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि कानून का मुख्य उद्देश्य समाज को सुरक्षित करना और अपराधियों के मन में भय व्याप्त करना है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
हालांकि अदालत ने इसे ‘विरल से विरलतम’ श्रेणी का मामला नहीं माना, लेकिन घर जैसी सुरक्षित जगह पर हुए इस वीभत्स अपराध के लिए दोषियों को अंतिम सांस तक जेल की सलाखों के पीछे रहने का आदेश दिया है। इस फैसले के बाद क्षेत्र में कानून के प्रति विश्वास बढ़ा है और पीड़ित परिवार को लंबे इंतजार के बाद इंसाफ मिला है।



