Deoli News 22 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली गांव में बुधवार से श्री हनुमंत कथा का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा के पहले दिन कथावाचक अकिंचन महाराज ने रामभक्त हनुमानजी के चरित्र पर प्रकाश डालते हुए अत्यंत मार्मिक प्रवचन दिए।
उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि हनुमान जी के व्यक्तित्व में अभिमान का लेश मात्र भी अंश नहीं है। हनुमान शब्द की व्याख्या करते हुए उन्होंने बताया कि जिसने अपने ‘मान’ अर्थात अहंकार का पूरी तरह से हनन कर दिया हो, वही वास्तव में हनुमान है। कथावाचक ने विस्तार से समझाया कि हनुमानजी ने प्रभु श्रीराम के जीवन के अत्यंत कठिन और विशाल कार्य संपन्न किए, लेकिन उन्होंने कभी भी अपनी शक्ति या सामर्थ्य का अहंकार नहीं किया। वे सदैव यही कहते रहे कि जो कुछ भी संभव हुआ है, वह केवल प्रभु की कृपा का फल है। उन्होंने इस बात पर विशेष बल दिया कि जो व्यक्ति स्वयं को कर्ता न मानकर पूरी तरह अभिमान शून्य हो जाता है।
वही रामजी का सच्चा सेवक कहलाने का अधिकारी होता है। कथा के आयोजक दिग्विजय सिंह शक्तावत ने बताया कि कथा के पहले ही दिन काफी संख्या में श्रद्धालुओं ने उपस्थित होकर धर्म लाभ उठाया। समापन पर श्रद्धालुओं ने आरती की। उल्लेखनीय हैं कि यह हनुमंत कथा देवली गांव में स्थित गढ़ के चौक में आयोजित हो रही है।


