Monday, May 25, 2026
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HomeAdministrationपैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की मांग

पैदल विहार करने वाले संतों के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा नीति की मांग

रीवा घटना पर जैन समाज का आक्रोश


Deoli News 25 मई (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) मध्यप्रदेश के रीवा में तेज रफ्तार कार की टक्कर से विहाररत जैन आर्यिका माताजी और संघ की आर्यिकाओं निधन से जैन समाज में गहरा दुःख और आक्रोश व्याप्त है। इस घटना के विरोध में आंवा सुदर्शनोदय क्षेत्र प्रभारी आशीष जैन और रोहित जैन के नेतृत्व में सकल दिगंबर जैन समाज आंवा ने तहसीलदार के माध्यम से भारत के प्रधानमंत्री, मध्यप्रदेश के राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा।

समाज के प्रतिनिधियों ने घटना से जुड़े वीडियो क्लिप के पूरे मामले की एसआईटी या अन्य उच्चस्तरीय एजेंसी से न्यायिक जाँच की माँग की है। साथ ही घटना से संबंधित सभी डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई और षड्यंत्र की पुष्टि होने पर कठोरतम धाराएं लगाने का आग्रह किया गया है। जैन समाज ने शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करते हुए कहा कि पैदल विहार करने वाले जैन साधु-संत निहत्थे और पूर्णतः अहिंसक होते हैं, ऐसे में उनके साथ हो रहीं लगातार दुर्घटनाएं चिंताजनक हैं। समाज ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि पैदल विहार करने वाले संतों के लिए एक राष्ट्रीय सुरक्षा गाइडलाइन और राष्ट्रीय संत सुरक्षा नीति का निर्माण किया जाए। प्रमुख मांगों में विहार मार्गों पर प्रशासनिक समन्वय, पुलिस सहयोग, ट्रैफिक नियंत्रण, चेतावनी संकेतक और हाईवे पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था शामिल है।

समाज ने ज्ञापन के माध्यम से आग्रह किया है कि संतों के विरुद्ध होने वाले अपराधों को विशेष संवेदनशील श्रेणी में रखा जाए और स्थानीय स्तर पर प्रशासन व समाज के बीच ‘संत सुरक्षा समन्वय सेल’ गठित किया जाए।

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