कई घंटे के धरने के बाद प्रशासन और ग्रामीणों में बनी सहमति
Deoli News 4 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दूनी में बुधवार रात को प्राथमिक उपचार नहीं मिलने के चलते 36 वर्षीय युवक अनुराग पारीक पुत्र दशरथ शर्मा की मौत के मामले ने गुरुवार को आक्रोशित रूप ले लिया।
मृतक के परिजनों और आक्रोशित ग्रामीणों ने अस्पताल में डॉक्टरों की अनुपस्थिति और चिकित्सा व्यवस्था में लापरवाही के आरोप लगाते हुए गुरुवार को दूनी शहर का बाजार बंद करवा दिया और दूनी-सरोली मार्ग पर टायर जलाकर जमकर प्रदर्शन किया।
यह लगाया आरोप…
प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि अस्पताल में तीन डॉक्टर कार्यरत हैं, लेकिन बुधवार रात को कोई भी चिकित्सक ड्यूटी पर मौजूद नहीं था। वहीं नगरफोर्ट से प्रतिनियुक्ति पर तैनात डॉक्टर के भी अस्पताल में नहीं मिलने के कारण परिजनों को अनुराग को टोंक ले जाना पड़ा, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई।
विरोध प्रदर्शन की स्थिति को देखते हुए देवली एसडीओं रुबी अंसार, सीएमएचओ टोंक डॉ. शैलेन्द्र चौधरी, बीसीएमओ डॉ. मनीष, पुलिस उपाधीक्षक हेमराज चौधरी, तहसीलदार विनोद शर्मा और दूनी थानाधिकारी रतनसिंह तंवर सहित भारी पुलिस बल मौके पर पहुंचा। यहां करीब 5 घंटे तक चले इस विरोध-प्रदर्शन के बाद प्रशासन और ग्रामीणों के बीच सहमति बनी। इस बीच सीएमएचओ डॉ. शैलेंद्र चौधरी ने हाथ जोड़कर ग्रामीणों को समझाया, लेकिन आक्रोशित ग्रामीण नहीं माने।
बाद में सीएमएचओ ने प्रभारी डॉ. सतीश जोरहवाल, जितेश शिवनानी और नगरफोर्ट से प्रतिनियुक्ति पर तैनात सचिन के विरुद्ध जांच कर ठोस कार्रवाई करने आश्वासन दिया। वहीं अस्पताल की व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिलाया। प्रशासन की ओर से अल्टीमेटम पर कार्रवाई का आश्वासन मिलने के बाद ग्रामीणों ने अपना धरना समाप्त किया। लेकिन इस दौरान शहर में गहमागहमी बनी रही। वहीं लोग दूनी अस्पताल की व्यवस्थाओं को कोसते रहे।
यहां भी हुआ प्रदर्शन और विरोध
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