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मतदान के बाद अब ‘किसकी सरकार’, जोड़-तोड़ के बीच 14 सितंबर का इंतजार

  • 35 वार्डों में 165 प्रत्याशियों की किस्मत ईवीएम में बंद

  • कांग्रेस-भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को किया एकजुट


Deoli News 11 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) नगर पालिका देवली चुनाव के लिए गत 9 सितंबर को मतदान संपन्न होने के साथ ही अब देवली के राजनीतिक गलियारों में हार-जीत को लेकर कयासों का दौर तेज हो गया है। मतदान के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक अपने-अपने आंकड़ों के आधार पर जीत का दावा कर रहे हैं। शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और राजनीतिक बैठकों में इन दिनों चुनावी गणित चर्चा का प्रमुख विषय बना हुआ है।

चुनाव मैदान में उतरे कांग्रेस, भाजपा और निर्दलीय प्रत्याशी अपने-अपने स्तर पर वार्डवार मतदान का आकलन कर रहे हैं। किस वार्ड में किस प्रत्याशी को बढ़त मिली और कहां मुकाबला कांटे का रहा, इसे लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। वहीं कांग्रेस और भाजपा ने अपने प्रत्याशियों को एकजुट रखने के लिए उन्हें पार्टी अनुशासन के तहत सुरक्षित स्थानों पर रखा है। ऐसे में चुनावी नतीजों से पहले राजनीतिक दलों की रणनीति और संभावित समीकरणों पर भी नजरें टिकी हैं।

मतदान से मतगणना तक बढ़ा सस्पेंस

दरअसल 9 सितंबर को मतदान के बाद सभी ईवीएम मशीनों को सुरक्षित रूप से देवली के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय परिसर में बनाए गए स्ट्रांग रूम में रखा गया है। जहां रात दिन पुलिस का कड़ा पहरा है। सहायक उप निरीक्षक बजरंग लाल के नेतृत्व में स्ट्रांग रूम की सुरक्षा है। अब प्रत्याशियों और उनके समर्थकों की नजर 14 सितंबर पर है। इसी दिन स्ट्रांग रूम में मतगणना शुरू होगी और कुछ ही घंटों में कई दिनों से चल रहे कयासों पर विराम लग जाएगा। देवली के 35 वार्डों में कुल 165 प्रत्याशियों के राजनीतिक भविष्य का फैसला ईवीएम खुलने के साथ होगा।

कौन अपना गढ़ बचाने में सफल रहता है, कौन उलटफेर करता है और किन वार्डों में अप्रत्याशित परिणाम सामने आते हैं, इसे लेकर लोगों में खासा उत्साह है। इस चुनाव में निर्दलीय प्रत्याशियों की मौजूदगी ने मुकाबले को और दिलचस्प बना दिया है। कई वार्डों में निर्दलीय प्रत्याशियों ने प्रमुख दलों के प्रत्याशियों को सीधी चुनौती दी है। ऐसे में नतीजों के बाद यदि किसी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो निर्दलीय प्रत्याशियों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। फिलहाल सभी खेमे अपने-अपने आंकड़ों के आधार पर जीत का गणित बैठाने में जुटे हैं। अब नजर 14 सितंबर की सुबह पर है, जब ईवीएम खुलेंगी और देवली के 35 वार्डों की सियासी तस्वीर पूरी तरह साफ हो जाएगी।

बता दे कि इस बार पालिका अध्यक्ष की सीट एससी रिजर्व है। लिहाजा जनरल के प्रमुख प्रत्याशियों की नजर वाइस चेयरमैन की सीट पर भी है।

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