Friday, September 25, 2026
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नशे के खिलाफ बोलने वाले ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकी देने का आरोप

उपखंड अधिकारी को सौंपा ज्ञापन


Deoli News 25 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) क्षेत्र के ग्राम नासिरदा में स्मैक और एमडी जैसे मादक पदार्थों के बढ़ते अवैध कारोबार के खिलाफ आवाज उठाने वाले ग्रामीणों पर कथित तौर पर अब दबाव बनाया जा रहा है।

ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी देवली को ज्ञापन सौंपकर सुरक्षा की गुहार लगाई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में ग्रामीणों ने बताया कि गांव में पिछले 5-7 वर्षों से स्मैक का नशा पैर पसार रहा है, जिससे सैकड़ों युवा प्रभावित हो रहे हैं। पूर्व में दिए गए ज्ञापन पर डीएसटी टीम द्वारा कार्रवाई कर 7 तस्करों को पकड़ा गया था। अब नशा मुक्ति अभियान को दबाने के लिए गांव के ही एक व्यक्ति द्वारा जयपुर के एक अधिवक्ता के मार्फत 10 निर्दोष ग्रामीणों को निजी कानूनी नोटिस भिजवाया गया है। इस निजी नोटिस को गांव में उच्च न्यायालय का नोटिस बताकर प्रचारित किया जा रहा है, ताकि ग्रामीणों में भय व्याप्त हो सके, जबकि पड़ताल करने पर इसमें कोर्ट की कोई सील या आदेश नहीं पाया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें राष्ट्रीय समाचार पत्रों में माफी न मांगने पर एससी, एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम तथा दुष्कर्म के झूठे मुकदमों में फंसाने की धमकियां दी जा रही हैं। ग्रामीणों ने स्पष्ट किया कि उनका विरोध किसी जाति विशेष से नहीं, बल्कि सिर्फ नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि निजी नोटिस के आधार पर 10 ग्रामीणों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई न की जाए, भ्रम फैलाने व धमकी देने वालों को पाबंद कर ग्रामीणों को सुरक्षा दी जाए और नशे के खिलाफ पुलिस गश्त व कानूनी कार्रवाई निरंतर जारी रखी जाए।

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