Deoli News 29 जून (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) अग्रवाल दिगम्बर जैन समाज के तत्वाधान में चल रहे मुनि आदित्य सागर के प्रवचन में शनिवार को द्वीप प्रज्जवलन, पाद प्रक्षालन, शास्त्र भेंट जैन युवा परिषद द्वारा किया गया।
मंगलाचरण मुनीराज जैन ने किया। मुनि आदित्य सागर ने कहा कि हम सब भगवान महावीर के शासन में रहते है। जीवन का पतन व उत्थान हमारे हाथ में है। किसी दूसरे के हाथ में नही है, जीव जिस प्रकार की भावना रखता है। वह उसी प्रकार का कार्य करता है। उन्होंने कहा कि गुस्सा क्यों आता है। हमारी भोजन की पद्धित सही नही है, समय पर भोजन करना एवं भोजन भावना से किया जाता है, जबकि आज ऐसा नहीं है। मन, वचन, काया पर भरोसा करें, उत्तम क्षमा की बात करते हुए कहा कि किसी से बेर नही रखने चाहिए। कथनी एवं करनी में अंतर नही होना चाहिए। उन्होने कहा कि अगर नींव कमजोर होगी तो मकान गिर जाएगा। इस प्रकार हमारी नई पीढी की नींव मजबूत होनी चाहिए। पिता अपने बच्चो को 25 वर्ष तक पालता है।
बडे होते ही बच्चा पिता को दूर कर देता है। अक्सर अंतर्जातीय विवाह में लव मेरिज होती है। आगम के अनुसार यह नही होना चाहिए। यह जानकारी समाज के प्रवक्ता चांदमल जैन ने दी।


