Deoli News 11 अप्रैल (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों द्वारा गुरुवार को आदर्श विद्या मंदिर में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। यहां स्वयंसेवकों को बताया कि महात्मा फुले का जन्म 1827 में हुआ।
जब महात्मा एक वर्ष से थे। तभी उनकी माताजी का देहांत हो गया था। बाल्यकाल गरीबी में गुजारा। लेकिन फिर भी 21 वर्ष के होने पर उन्होंने अपनी शिक्षा पूरी। महात्मा द्वारा महिला उत्थान के किए गए कार्य बाल विवाह का विरोध, विधवा विवाह का पक्षधर, महिला शिक्षा पर किए गए प्रयास पर चर्चा की गई। साथ ही स्वयंसेवकों द्वारा वर्ष प्रतिपदा का उत्सव भी मनाया गया। जिसमें कृष्ण गोपाल संघ के टोंक जिला मार्ग प्रमुख का बौद्धिक प्राप्त हुआ।

महात्मा फुले के योगदान के संबंध में विचार व्यक्त किए
इसी तरह रेगर समाज से विकास समिति के द्वारा संचालित डिजिटल लाइब्रेरी अंबेडकर सर्कल देवली में महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती मनाई गई। यहां ज्योतिबा फुले के बारे में बताया गया। इस दौरान रेगर समाज विकास समिति के अध्यक्ष मोहनलाल ठागरिया, संरक्षक डॉ. पीसी तुगरिया, उपाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद तुनगरिया, कोषाध्यक्ष शिवजी नराणिया, डॉ. दुर्गालाल नराणिया, रामावतार बारोलिया अंकित तुनगरिया, राजपाल वर्मा ने महात्मा ज्योतिबा फुले जयंती पर अपने-अपने विचार व्यक्त किए।



