Deoli News 5 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) दशलक्षण महापर्व के दसवें दिन शनिवार को अनंत चतुर्दशी पर मुनि प्रणीत सागर महाराज और क्षुल्लक विधेय सागर के सानिध्य में कलशाभिषेक और जुलूस निकलेगा।
चंद्रप्रभु जिनालय के व्यवस्थापक पंकज जैन सर्राफ ने बताया कि 6 सितंबर को दोपहर 2:30 बजे चंद्रप्रभु मंदिर से यह जुलूस शुरू होगा, जो सभी जैन मंदिरों से होते हुए वापस इसी मंदिर पर आकर समाप्त होगा। जुलूस में समाज के सभी पुरुष सफेद कपड़ों में, महिलाएं केसरिया साड़ी में और श्रुत-शाला के बच्चे अपने हाथों में जैन ध्वज लेकर शामिल होंगे। शोभायात्रा में पांचों मंदिरों के ध्वज भी साथ-साथ चलेंगे। कलशाभिषेक का कार्यक्रम श्रीआदिनाथ मंदिर ज्योति कॉलोनी में अपरान्ह 3:30 बजे, श्रीपार्श्वनाथ मंदिर पटेल नगर में शाम 3:45 बजे, श्री शांतिनाथ मंदिर में शाम 4 बजे, श्रीमहावीर मंदिर में शाम 4:15 बजे और श्री चंद्रप्रभु मंदिर में महाराज के प्रवचन शाम 4:30 बजे होंगे और शाम 5:15 बजे कलशाभिषेक होगा।

आकिंचन्य धर्म की पूजा की
श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर पटेल नगर में दशलक्षण महापर्व के नवें दिन शुक्रवार कक उत्तम आकिंचन्य धर्म पर भगवान की प्रतिमाओं पर प्रथम अभिषेक व शांतिधारा विमल बाकलीवाल, संजय काला, मनीष बंसल, अक्षत काला, सुनील डोसी, मनोज जेठयानिवाल, रचित पांड्या परिवार ने किया। इसके बाद समाज के लोगों भगवान की प्रतिमाओं का अभिषेक किया। सभी लोगो ने सांगानेर से आई दीदियों के मार्गदर्शन में उत्तम तप धर्मएवं इन्द्र ध्वज महामंडल विधान की पूजा अर्चना की। शुक्रवार शाम को महाआरती कन्हैयालाल, मनोज, सुनील, मुदित डोसी के घर से मन्दिर में आएगी। इसके बाद दीदियों द्वारा आकिंचन्य धर्म पर चर्चा की जाएगी एवं तप धर्म के मर्म को समझाया जाएगा। यह जानकारी समाज के मीडिया प्रभारी राजीव जैन ने दी।



