आपसी समन्वय से मिलेगी सफलता, जल्द खुलेगी वारदात की परतें
Deoli News 4 मई ( दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) देवली निवासी लालासिंह का गला रेतने व दो लाख रुपए लूटने की घटना अपने आप मे आमजन की सुरक्षा पर सवाल खड़ी कर रही है। जनता में जब असुरक्षा भाव बैठ जाएं तो पुलिस और प्रशासन पर प्रश्न चिन्ह अंकित ही समझना चाहिए!

वारदात से आमजन में फैली दहशत
घटित ख़ौफ़नाक वारदात ने लोगों में एक तरह से डर का माहौल बना दिया है। वारदात को तीन दिन बीत चुके है पर फिलहाल हनुमान नगर पुलिस के हाथ करीब- करीब खाली से है। ऐसे में सहज लोगों में आक्रोश का उबलना स्वाभाविक है। मामले को लेकर लोगों ने शनिवार को देवली तहसीलदार को ज्ञापन भी दिया है और चेतावनी भी दी है कि यदि 24 घण्टों में बदमाश नही पकड़े गए तो देवली शहर के बंद का आव्हान किया जाएगा। अव्वल तो ये घटनास्थल देवली- शाहपुरा जिले के सीमा का हिस्सा है। जयपुर-कोटा राष्ट्रीय राजमार्ग बाईपास का कुछ हिस्सा देवली में तो ज्यादातर हिस्सा शाहपुरा जिले के हनुमान नगर थाना क्षेत्र से गुजरता है। ये घटना जहाँ घटित हुई है, वह हनुमान नगर थाना क्षेत्र का हिस्सा है। लिहाजा मामले की जांच भी हनुमान नगर पुलिस ही कर रही है। लेकिन इस प्रकरण में सबसे बड़ी बात ये भी है कि जिलों की अलग-अलग सीमाएं होने से दोनो पुलिस के बीच आपसी समन्वय नही है।

घटना का असर दोनों थानों पर
दरअसल यह घटना दोनो थानों में प्रभाव डालती है। एक मई को घटना घटित होने के बाद तीन दिन बीत चुके है। लेकिन हनुमान नगर पुलिस फिलहाल कोई खास काम नही कर पाई है, जिसकी दरकार है। करीब 4 से 5 बदमाश कहां ? किस रास्ते से आए और फिर कैसे वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए? ये बड़ी बात है। फिलहाल पीड़ित जयपुर अस्पताल में भर्ती है और उसकी हालत में सुधार भी है लेकिन पुलिस अभी तक नाकाम साबित हुई तो सवाल तो उठता ही है। घटना अपने-आप मे ख़ौफ़ पैदा करने वाली है तो पुलिस को द्रुत गति से कार्रवाई करनी होगी। सिर्फ पीड़ित के बयान के बाद मामले से सुराग खोजने की परंपरा रही तो काफी विलंब होने की सम्भावना है। ऐसे में टोंक- शाहपुरा जिलों की पुलिस को आपसी समन्वय बनाकर जांच में तेजी लानी होगी। तभी कोई निष्कर्ष तक पहुँचा जा सकता है।
हो सकता है बदमाश देवली के रास्ते से घटनास्थल तक पहुँचे हो पर इसका पता आखिर कैसे लगेगा? जब तक कि देवली पुलिस की और से ” कोई इनपुट” नही मिले। शराब की बोतल के बेच नम्बर से तो जाहिर हो गया है कि बदमाशों ने शराब देवली- हनुमान नगर थाना क्षेत्रों के बाहर से खरीदी! चाकू से गला रेतने की घटना आमतौर पर पेशेवर बदमाश ही कर सकते है। तीन दिन बीतने के बावजूद पुलिस के हाथ मे कोई सुराग नही आए तो फिर आगे उम्मीद पर भी प्रश्न चिन्ह लग जाता है। लिहाजा मामले में यदि जल्द निष्कर्ष पर पहुँचना है तो दोनो थाना पुलिस को आपसी समन्वय बनाकर काम करना चाहिए। जानकारी में सामने है कि पुलिस प्रशासन लोगों से बुधवार तक का समय मांगा है। इसे लेकर ग्वाला समाज के लोगों से पुलिस ने बात की है।


