शक्तिपीठों पर रहेगी भीड़
Deoli News 2 अक्टूबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शारदीय नवरात्रि की गुरुवार से शुरुआत होगी। इसे लेकर क्षेत्र के प्रमुख शक्तिपीठों पर विशेष तैयारी जारी है। वही नवरात्र के पहले दिन घट स्थापना के साथ देवी पूजा शुरू होगी।।इससे पूर्व बुधवार को अमावस्या के मौके पर भी लोगों ने माता के दरबार में मत्था टेका। समीप के कुचलवाड़ा स्थित बीजासन माता के दरबार में अमावस्या को श्रद्धालुओं के भीड़ रही।
श्रद्धालुओं ने बीजासन माता मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए और मत्था टेककर परिजनों की खुशहाली व स्वास्थ्य के कामना की। इसी तरह 9 दिनों तक मंदिर परिसर में रहने वाले लकवा रोगियों की भी भीड़ बढ़ गई है। परिसर में लकवा रोगी 9 दिनों तक रहकर माता की पूजा अर्चना करेंगे। उल्लेखनीय है कि मां बीजासन के दरबार में आने वाले लकवा रोगियों को निश्चित तौर पर फायदा होता है। लिहाजा टोंक, बूंदी, कोटा, भीलवाड़ा समेत आसपास के जिलों से नवरात्र में हर वर्ष सैकड़ो लकवा रोगी आते है। इसी तरह बस स्टैंड परिसर स्थित गायत्री माता मंदिर, देवली गांव में स्थित केसर माता मंदिर, दौलता मोड शक्तिपीठ, राजमहल वन माता, क्षेत्र के चांदली स्थित हिंगलाज माता मंदिर में भी नौ दिवसीय अनुष्ठान शुरू होंगे। यह 9 दिन तक श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचेंगे। वही इन दिनों लोग व्रत, उपवास कर निराहार रहेंगे
इस बार भी श्रद्धालुओं की राह कठिन
पिछले कई वर्षों से क्षतिग्रस्त हुई कुचलवाड़ा माताजी की सड़क श्रद्धालुओं के लिए परेशानी का सबक बनी है। हालांकि उक्त सड़क के नवीनीकरण की घोषणा के साथ टेंडर हो चुके हैं। लेकिन फिलहाल इस नवरात्र में श्रद्धालुओं को टूटी-फूटी एवं क्षतिग्रस्त सड़क से ही होकर माता के दर्शनों के लिए पहुंचना होगा। बता दे कि यह सड़क पूरी तरह गड्ढे में तब्दील हो चुकी है। सड़क की डामर उखड़ चुकी है। वहीं जगह-जगह गड्ढे है। लिहाजा श्रद्धालुओं को सावधानी से ही माता के दर्शनों के लिए जाना होगा।



