Deoli News 13 सितंबर (दैनिक ब्यूरो नेटवर्क) शहर में माहे मुबारक रबी उल अव्वल के अवसर पर आमद ए मुस्तफा सिरातुंनबी का जलसा आयोजित हुआ। समाज के मोहम्मद इदरीस व हारून अंसारी ने बताया कि “जश्ने ईद मिलादुन्नबी” 1500 वा वर्ष के मौके पर शाही ज़ामा मस्जिद के चौंक में जलसा हुआ।
जिसमें शहर ए क़ाज़ी बूंदी नदी उत्तराखंड के मौलाना आई तहसीनी, उदयपुर के अख्तर रजा, बूंदी के नवेद रजा, देवली के उलेमा इकराम हाफिज नज़्में इफ्तिखार, मौलाना दिलकश रज़ा, मौलाना शाकिब रजा, हाफ़िज़ कारी मुकीम रज़ा, मौलाना शमीउल्लाह, मौलाना नूरुद्दीन जंगी आदि ने शिरकत की। जलसे की शुरुआत हाफ़िज़ द्वारा तिलावते कुरआन से की गई। इसके बाद इस्लामिक विद्वानों द्वारा हुज़ूर मुहम्मद सल्लाहू अलैहिवस्सलम की हयात ए जिंदगी पर प्रकाश डाला गया। उलेमाओ ने इस्लाम धर्म के पांच बुनियादी स्तंभों शहादा, नमाज़, रोजा, ज़क़ात, हज को मजबूती से थामने को कहा।
इस दौरान मस्जिद चौक मे जलसे में सैकड़ों की तादात में पुरुष व महिलाओं ने शिरकत की। जलसे के समापन में वतन की खुशहाली, सर्वधर्म सद्भाव, बेहतर विकास, मुल्क़ में अमन चैन की दुआ की गई। यह आयोजन शाही जामा मस्जिद कमेटी व मुहम्मदी गुलेमान ए मुस्तफा की ओर से किया गया।


